भैंसा साम्प्रदायिक हिंसामें १५ प्रकरण प्रविष्ट, दो पार्षदों सहित १३ उपद्रवी बनाए गए बन्दी
११ मार्च, २०२१
तेलंगानाके भैंसामें साम्प्रदायिक हिंसाके सम्बन्धमें कुल १५ प्रकरण प्रविष्ट किए गए हैं । इसके अतिरिक्त दो पार्षदों सहित १३ लोगोंको बन्दी बनाया गया है, जिनपर हिंसामें सक्रियतासे भाग लेनेका आरोप है । निर्मल पुलिस अधीक्षक विष्णु वारियरने बुधवार, १० मार्चको ‘द न्यूज मिनट’को इसकी जानकारी दी ।
भैंसामें दो धार्मिक समूहोंके बीच रविवार सायंकाल साम्प्रदायिक झडप हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप दो घरों और नौ वाहनोंको आग लगा दी गई थी । पथरावमें कुछ पत्रकारों और पुलिसकर्मियों सहित १० लोग घायल हो गए । पुलिसने कहा कि हिंसा, दो व्यक्तियोंके मध्य एक दुपहिया वाहन दुर्घटनापर विवादके पश्चात हुई, जो दो धार्मिक समूहोंके मध्य लडाईमें परिवर्तित हो गई और पूरे जनपदमें फैल गई ।
पुलिसने आगेके उपद्रवको रोकनेके लिए भैंसामें ‘ धारा १४४ लगा दी है । उल्लेखनीय है कि यह प्रथम बार नहीं जब भैंसा साम्प्रादायिक हिंसाका केन्द्र रहा हो । वर्ष २०२० में यहीं हिन्दुओं और मुसलमानोंमें स्थिति बिगडी थी । पूरे ११ लोग चोटिल हुए थे । कोरबागल्ली मार्गपर १८ घरोंको जलाया गया था और अनेक दुपहिया वाहन भी जलाए गए थे ।
भैंसामें हुई हिंसा, जिहादी लोगोंद्वारा नियोजित की गई, जिसमें इनके नेता भी सम्मिलित हैं । भारत जबतक हिन्दू राष्ट्र नहीं बन जाता, इसका समाधान सम्भव नहीं है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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