मुंबई पुलिसके विवादित अधिकारी सचिन वाजेको राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरणने (NIA ने) बनाया बन्दी : सचिन वाजेने अपना अपराध स्वीकार किया ।
१४ मार्च, २०२१
समाचारोंके अनुसार, ‘एनआईए’के अधिकारियोंने श्वेत ‘इनोवा’को मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालयमें देखा है, यह वही श्वेत ‘इनोवा कार’ है, जिसका उपयोग विस्फोटकसे लदी ‘स्कॉर्पियो’के साथ किए जानेकी आशंका है । इसपर ‘पुलिस’ लिखा हुआ था । यह ‘कार’ मुंबई पुलिसकी ‘CIU यूनिट’की थी और इसका उपयोग सचिन वाजेने किया था । ‘एनआईए’ने वाजेपर विस्फोटक रखनेका आरोप लगाया है ।
प्रकरणमें मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंहपर भी सन्देह किया जा रहा है । संभावना जताई जा रही है कि ‘एनआईए’के अधिकारी एंटीलिया प्रकरण में मुंबई पुलिस और शिवसेनाके कई बडे नेताओंसे पूछताछ कर सकते हैं । बताया गया है कि वाजेने घटनाके सम्बन्धमें कुछ बडे नामोंका रहस्योद्घाटन किया है ।
उल्लेखनीय है कि मुंबई पुलिसके विवादित अधिकारी सचिन वाजेको ‘NIA’ने बन्दी बना लिया है । सचिन वाजेसे १३ मार्च, शनिवारको घण्टोंतक पूछताछ की गई और देर रात उन्हें बन्दी बना लिया गया । उनके विरुद्ध भादविकी अनेक धाराओंमें अपराध पंजीकृत किए गए हैं ।
भाजपा नेता राम कदमने सच्चाई सामने लानेके लिए सचिन वाजेके ‘नार्को टेस्ट’की मांग की है । वर्तमानमें ही मुख्यमन्त्री उद्धव ठाकरेने भी सचिन वाजेके समर्थनमें वक्तव्य दिया था ।
स्पष्ट है कि कोई बहुत बडा षड्यन्त्र है और अब यह उजागर होनेवाला है, यदि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण बिना किसी दबावके कार्य करे तो ! अन्यथा इस प्रकरणकी परिणति भी वैसी ही होगी, जैसी सुशांत राजपूत और दिशा सालयान प्रकरणकी हुई है । भारत शासनसे अब न्यायकी अपेक्षा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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