‘सचिन वाजेके छहसे अधिक व्यापार, शिवसेना नेता व्यापारमें सहभागी 


 १५ मार्च, २०२१
मुंबईमें उद्योगपति मुकेश अंबानीके घर ‘एंटीलिया’के बाहर विस्फोटक रखनेके आरोप में बन्दी बनाए गए ​सचिन वाजेके छहसे अधिक व्यापारोंकी जानकारी प्राप्त हुई है ।
जिनके नाम हैं : ‘मल्टीबिल्ड इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड’, ‘टेकलीगल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’, ‘डीजीनेक्स्ट मल्टीमीडिया लिमिटेड’ एवं अन्य हैं । इनमें शिवसेनाके नेता संजय माशेलकर और विजय गवईको सहभागी बताया जा रहा है; किन्तु शिवसेना नेता संजय राउतने इस सचिन वाजेको एक सत्यनिष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बताकर उनका बचाव करनेका प्रयास किया है ।
 सचिन वाजेके बारेमें बता दें कि कोल्हापुर निवासी वाजे १९९० समूहके अधिकारी हैं, जिन्होंने १९९२-२००४ के मध्य ६३ अपराधियोंका ‘एनकाउंटर’ किया। घाटकोपर ‘ब्लास्ट’से जुडे विषयमें ख्वाजा यूनुसकी पुलिस हिरासतमें मौत हो गई थी, जिसके पश्चात ‘CID’ जांचमें दोषी व निलम्बनके पश्चात वो शिवसेनामें चले गए; परन्तु २०२० में उन्हें शिवसेना शासनमें पुन: पुलिस अधिकारी बना दिया गया ।
      सचिन वाजेके पुलिस अधिकारी रहते हुए उनके ‘संवैधानिक आतंक’को पूरे देशने देखा, जब उन्होंने अर्नब गोस्वामीको उनके घरसे बन्दी बनाया था । उनके वर्तनसे स्पष्ट हो रहा था कि वह किसी बडे राजनेताकी कठपुतली मात्र हैं और उसीके आदेशपर सब कर रहे हैं । अब प्रश्न उठता है कि एक सामान्य अधिकारी छह बडे व्यवसायोंका स्वामी केवल अपने मासिक पारिश्रमिकसे हो सकता है क्या ? निश्चित ही इसमें भ्रष्टाचारकी भूमिका है और यह भ्रष्टाचार केवल शासकीय अधिकारी ही नहीं; अपितु राजनेता भी सहज रूपसे करते हैं । यह प्रसन्नताका विषय है कि अब इनके पाका घडा भर रहा है और इन्हें अब दण्ड मिलनेवाला है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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