बीएसपी’ विधायक असलम चौधरीने कहा डासना मन्दिर हमारे पूर्वजोंका, हटवाएंगे द्वारसे मुस्लिमोंके प्रवेश न करनेका फलक
१७ मार्च, २०२१
उत्तर प्रदेशके गाजियाबाद जनपदके डासना क्षेत्र स्थित एक देवी मन्दिरमें आसिफ नामके एक बच्चेकी पिटाईका चलचित्र साझा करते हुए, झूठ फैलाया जा रहा है कि पानी पीनेके कारण उसके साथ ऐसा किया गया ।
सोमवार १५ मार्चको धौलानाके बसपा विधायक असलम चौधरी आसिफके घर पहुंचे और कहा कि कोई भी धार्मिक स्थल हो, उसपर सभीका अधिकार होता है । देवी मन्दिर भी उनके पूर्वजोंकी धरोहर है और उस मन्दिरपर लगा वह फलक वे हटवाएंगे, जिसपर लिखा है, “यह मन्दिर हिन्दुओंका पवित्र तीर्थस्थल है, इसमें किसी भी मुसलमानका प्रवेश निषेध है ।” यह फलक विगत ७-८ वर्षोंसे लगा है ।
मन्दिरके पुजारीने इस घटनापर बताया था, “कॉलोनीकी महिलाएं और युवतियां यहां आती हैं और मुसलमान लडके आकर उनसे छेडखानी करते हैं । इसलिए यह फलक लगाना पडा ।”
असलम चौधरीका यह कथन सत्य है कि डासनाका मन्दिर उनके पूर्वजोंका है अर्थात उन्होंने स्वीकार किया है कि उनके पूर्वज हिन्दू थे; परन्तु फलक हटवानेका उनका कथन मिथ्या है; क्योंकि यह मन्दिर यति नरसिंहानन्द सरस्वतीकी निजी सम्पत्ति है और उनका अधिकार है कि वे किसे प्रवेश दें और किसे नहीं ? यदि उन्हें इस मन्दिरमें प्रवेश चाहिए तो पहले मक्का स्थित मुसलमानोंके काबामें पहले हिन्दुओंको प्रवेश देनेका आग्रह मुसलमानोंसे करना चाहिए । वैसे जो सुन्नी मुसलमान शियाओं और महिलाओंको अपनी मस्जिदमें नहीं आने देते हैं और उनके लिए निर्देश हेतु फलक लगाते हैं, उनकी ऐसी मांग करना हास्यास्पद ही है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply