१८ मार्च, २०२१
कोटाकी एक १५ वर्षीय लडकीको झालावाड ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया । बलात्कार करनेवालोंमें, साहिल, शाहरुख, राजा खान, अरशद अय्यूब, वारिस, नब्बू नवाब और तौहीद सहित कुछ अन्य भी सम्मिलित हैं । अपराध सहयोगमें कुछ महिलाएं भी सम्मिलित हैं । इन १८ से भी अधिक राक्षसोंने, ९ दिनोंतक उससे दुष्कर्म किया । जब वह पीडासे कराहती थी तो उसे मादक पदार्थ दे दिया जाता था, जिसे लेनेसे मना करनेपर उसे मारा-पीटा जाता था । चाकू दिखाकर धमकाया जाता था । इस कुकर्मका आरम्भ २५ फरवरी २०२१ को हुआ, जब पीडिताकी एक मित्र और उसका साथी उसे लेकर कोटाके सुकेतसे झालावाड गए । उसे ‘बैग’ दिलवानेके मिथ्याहेतुसे (बहानेसे) वहां ले जाया गया और उसे उन १८ राक्षसोंको सौंप दिया गया, जिन्होंने उससे घर, ‘होटल’, निर्माणाधीन भवन और खेतमें कई बार बलात्कार किया । उसे ५ मार्च २०२१ को धमकाकर घर छोड दिया गया । पीडिताकी विधवा मांने अगले ही दिन थानेमें जाकर इस प्रकरणकी प्राथमिकी प्रविष्ट कराई ।
पीडिताके भाईका आरोप है कि परिजन उसके लुप्त होनेकी सूचना देने अनेक बार थाने गए थे; किन्तु राजस्थान पुलिसने उन्हें बार-बार भगा दिया । अब कुछ आरोपियोंको बन्दी बना लिया गया है ।
स्मरण कीजिए ! विगत कुछ समय पूर्व उत्तर प्रदेशके हाथरसमें हुआ एक इसी प्रकारका कथित बलात्कार काण्ड और राजस्थानका यह बलात्कार काण्ड, दोनों ही घृणित अपराध है; परन्तु जो कोलाहल हाथरस काण्डके समय सम्पूर्ण देशमें मचाया गया था, वह इस समय कहीं सुनाई नहीं दे रहा है । हिन्दुओ ! इस घटनासे यह सीखें कि हिन्दूवादी कहे जानेवाले भाजपाके शासनमें यदि कहीं बलात्कार होता है तो उसे ही बलात्कार माना जाएगा अन्यथा वह वह एक सामान्य अपराध है । यदि वह कांग्रेस अथवा अन्य किसी दलके द्वारा शासित राज्यमें हो तो हिन्दूद्रोहियोंको सांप सूंघ जाता है । राजस्थानवाले इस प्रकरणपर ‘मीडिया’का मौन षड्यन्त्र है, हिन्दुओंकी अपकीर्ति करनेका और ऐसे लोगोंसे सावधान रहना अत्यन्त आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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