रोहिंग्याओंने मेवातको बनाया आश्रयस्थल, स्थानीय मुसलमान उन्हें दे रहे हैं शरण


२१ मार्च, २०२१
     हरियाणाके मेवातमें रोहिंग्या मुसलमानोंने नूतन आश्रयस्थल ढूंढ लिया है । मुसलमानोंके बहुल क्षेत्र मेवातके निवासी रोहिंग्याओंको बसानेमें पूर्णतया सहयोग कर रहे हैं । यह क्षेत्र आपराधिक गतिविधियोंके लिए कुख्यात है । देहलीसे भागकर आए हुए रोहिंग्याओंको वहांके शासनने सङ्कटमय बताया है । कुछ समय पूर्व अभिवक्ता प्रशान्त भूषणने उन्हें बसने देनेके लिए उच्चतम न्यायालयमें याचिका प्रविष्ट करवाई थी, जबकि हरियाणा शासन उन्हें निकालनेकी योजनाएं बना रहा है ।
    विवरणमें बसे हुए उनके ७०० परिवार बताए जा रहे हैं; किन्तु विश्व हिन्दू परिषदके अनुसार उनकी सङ्ख्या लाखोंमें है । विभिन्न क्षेत्रोंमें बसे हुए रोहिंग्या मुसलमानोंको ‘पहचान’ पाना कठिन हो गया है; क्योंकि अधिकतर घुसपैठियोंने अवैध आधारपत्र, ‘राशन कार्ड’ और मतदातापत्र बनवा लिए हैं ।
 हरियाणा शासन ‘एनआरसी’का समर्थनकर, उसे प्रयुक्त करनेकी दिशामें अग्रसर है । हरियाणाके भूतपूर्व मुख्यमन्त्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डाने भी ‘एनआरसी’का समर्थन करते हुए रोहिंग्याओंको देशकी सुरक्षाके लिए सङ्कट बताया था ।
      मुसलमानोंने अपनी बढती जनसङ्ख्याको और भी अधिक तीव्रतासे बढानेके लिए रोहिंग्याओंको आश्रय दिया है, जो अति सङ्कटमय स्थिति उत्पन्न कर रहा है । देशके विभिन्न देशद्रोही नेताओंने भी उनका प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूपसे साथ दिया है । ऐसे देशद्रोही कठोर दण्डके पात्र हैं । केन्द्र शासनद्वारा बाहरसे आए घुसपैठियोंको शीघ्र बाहर करना चाहिए और सम्पूर्ण मेवात क्षेत्रमें सैन्य अभियान चलाकर अवैध नागरिकोंको बन्दी बनाकर, उन्हें देशसे बाहर किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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