२३ मार्च, २०२१
कोंडोट्टीमें हुई मतदान नामांकनके कपटके सम्बन्धमें केरलके मुख्यमन्त्री पिनाराई विजयनकी चुप्पीपर विदेश प्रकरणोंके केन्द्रीय राज्य मन्त्री वी. मुरलीधरनने उनकी आलोचना की । सीपीआईएम समर्थित केटी सुलेमान हाजीने केरल विधानसभा चुनावके अपने नामांकनमें अपनी द्वितीय पत्नीकी सूचना नहीं दी । सुलेमानकी द्वितीय पत्नी एक पाकिस्तानी है ।
मातृभूमिमें प्रकाशित प्रतिवेदनके अनुसार, २० मार्चको चुनाव आयोगने केटी सुलेमान हाजीका नामांकन आगामी जांंच तक रोक दिया; क्योंकि वह अपनी द्वितीय पत्नीकी सूचना देनेमें असफल रहे ।
मुस्लिम लीगके मन्त्रियोंने सुलेमानके विरुद्ध प्रतिवाद प्रविष्ट कराया है कि उसके दो ‘निकाह’ हो चुके हैं और उसकी दूसरी पत्नी विदेशमें है । इन आरोपोंके साथ दुबईमें हुए सुलेमानके विवाहके कुछ साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए हैं । उनकी द्वितीय पत्नी हीरा मोहम्मद सफदर है जो रावलपिंडी, पाकिस्तानकी निवासी हैं ।
एक मुख्यमन्त्रीका इस विषयपर कुछ न बोलना, यह दर्शाता है कि वह भयभीत है अथवा स्वार्थी है । जिस व्यक्तिकी जांच होनी चाहिए कि उसकी पाकिस्तानी पत्नी, कहीं ‘आईएसआई’के षड्यन्त्रका कोई भाग तो नहीं है ? उसे मौन रहकर संरक्षण देना, एक प्रकारका राष्ट्रद्रोह है और ऐसे राष्ट्रद्रोही मुख्यमन्त्रीको केन्द्र शासन तुरन्त निलम्बित करे और पूरे प्रकरण की जांच कराए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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