महिलाओंके वस्त्रोंको लेकर मौलाना जरजिसने पुनः कहे अपशब्द
२६ मार्च, २०२१
वर्ष २०१९में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीको व केन्द्रीय गृहमन्त्री अमित शाहके विरुद्ध विवादित टिप्पणी करनेवाला मौलाना जरजिस अंसारी हफीजुल्लाह पुनः चर्चामें है । इस बार उसका सामाजिक जालस्थलपर एक चित्रपट साझा हो रहा है जिसमें वह ‘लिपस्टिक’ लगानेवाली व कार्यक्रममें कसे हुए वस्त्र धारण करनेवाली महिलाओंपर अपना क्रोध व्यक्त कर रहा है । मौलानाने युवतियोंके अल्प व कसे हुए वस्त्र पहनकर घूमनेको लेकर अपने समुदायको मरा हुआ व ‘आईसीयू’में प्रविष्ट भी बताया । मौलाना जरजिसका यह ‘वीडियो यूट्यूब’के राजधानी ‘चैनल’पर २४ मार्चको साझा किया गया था । मौलाना इस प्रकारके वस्त्र पहनकर घूमने वाली युवतियोंके माता-पिताको भी अभद्र अपशब्द कहते सुनाई दे रहे हैं जो अत्यधिक लज्जाजनक है । उल्लेखनीय है कि वर्ष २०१९ में मौलानाने मोदीपर आरोप लगाया था कि यदि वह उन्हें देशसे बाहर करने हेतु प्रयासरत हैं तो वह भारतके कोने-कोनेमें ‘जिहाद’ करेंगे । मौलानाने यह भी कहा, “इनके बापके बापके बापके पास भी इतनी शक्ति नहीं है कि वह हमें बाहर निकाल सके । हमें निकालकर तो दिखा मोदी, हम जिहाद करनेसे पीछे नहीं हटेंगे ।” इसी विवादित ‘वीडियो’में वह प्रधानमन्त्री व गृहमन्त्रीके विरुद्ध अपशब्द कहते भी सुनाई दे रहे थे ।
यह मुसलमानोंका दोगलापन और पाखण्ड ही है, जो भारतमें ऐसे वक्तव्य देते हैं । वस्तुतः उन्हें भारतमें रहकर भी भारतके विधानको नहीं मानना है और अपना ‘शरिया’ विधान लागू करवाना है, जिससे ये सभीसे मुसलमानी नियमोंके अनुसार आचरण करवा सकें । सभी हिन्दुओंको मांग करनी चाहिए कि देशके सभी नागरिकोंपर समान नियम लागू हों । जहांतक मुसलमान महिलाओंके अपनी रुचिके वस्त्र पहनने की बात है, उन्हें बुर्केसे स्वतन्त्रता मिलनी ही चाहिए और बुर्केपर पूर्णतः प्रतिबन्ध लगना चाहिए; क्योंकि अब मुसलमानी आतंकी बुर्केकी आडमें आतंकी घटनाओंको करना चाहते हैं, जिसके प्रमाण मिलने लगे हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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