मुसलमानोंकी साम्प्रदायिक पुस्तकके अनुसार बाईं ओर थूकनेसे भाग जाते हैं ‘शैतान’
२७ मार्च, २०२१
मुसलमानोंकी साम्प्रदायिक पुस्तकोंमें कई स्थानोंपर थूकना ‘सवाब’ (पुण्य) बताया गया है । पुस्तकके कुछ कथनोंके अनुसार थूकना समृद्धिका प्रतीक बताया गया है ।
सहीह-अल-बुखारीकी पुस्तकके पृष्ठ ५१३ पर बाईं ओर थूकनेसे बुरे स्वप्नोंसे मुक्ति प्राप्त होती है । इस पुस्तकके दूतके अनुसार, “एक अच्छा स्वप्न ‘अल्लाह’से जोडता है और बुरा स्वप्न नर-पिशाचसे । बाईं ओर थूकनेसे”….इस प्रकारकी अनेक काल्पनिक बातें इनकी पुस्तकमें लिखी है और यह इन दिनों चर्चामें इसलिए है; क्योंकि जिहादी अभिनेता आमिर खांका एक वक्तव्य इन दिनों चर्चामें है, जिसमें उसने कहा था कि मैंने जिन अभिनेत्रियोंके (हीरोइनके) हाथपर थूका है, वह ‘नंबर वन’ बन गई ।”
इस्लामी पुस्तककी थूक सम्बन्धी चर्चा इस जिहादी अभिनेताके बचावके लिए ही छेडी गई है ।
जिस थूकसे कोरोना तथा अन्य वीभत्स महामारियोंके फैलनेसे सारा विश्व त्रस्त है और लाखों लोगोंको मृत्युका ग्रास बनना पडा है, जिसके कारण लोगोंमें परस्पर मारपीट और दूरी पनप रही है तथा थूकनेवालोको कारावास और आर्थिक दण्ड दिया जा रहा है, वहीं इस्लाममें थूकनेको और उसे प्रयोगमें लानेको पुण्य बताया जा रहा है । इसे शुभ बताकर लाखों लोगोंको मृत्युके मुखमें धकेला जा रहा है । उसी थूकका बचावकर हिन्दूविरोधी हिन्दुओंके मनमें इन म्लेच्छोंके प्रति उपजी घृणाको कम करना चाहते हैं और उन्हें भ्रममें ही रखना चाहते हैं । इस तथ्यको हिन्दुओंको समझना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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