नागा साधुओंपर अत्याचारसे एक बार पुनः अनावृत हुआ कांग्रेसका छत्तीसगढ शासन
२९ मार्च, २०२१
विगत दिनों छत्तीसगढके बिलासपुरमें हुई एक नागा साधुके साथ मारपीट और लूट हुई, इसीसे अनुमान लगाया जा सकता है कि वहां हिन्दुओंके साथ कितना अत्याचार हो रहा है ? ‘परित्राणाय साधुनां’ वाक्य छत्तीसगढ पुलिसका आदर्श वाक्य है; किन्तु आजके परिवेशमें वहां जिस प्रकार साधुओंके साथ छल-कपट और लूटपाटकी घटना हो रही है, उससे लग रहा है कि उनका आचरण इसके विपरीत है । अनेक हिन्दू संगठनोंने इस घटनाका विरोध किया है ।
छत्तीसगढमें इस समय एक मानसिक रूपसे ईसाई मुख्यमन्त्रीके होते हुए भारतीय संस्कृति एवं उसके अंग कैसे सुरक्षित रह सकते है ? साधु-सन्त सनातन संस्कृतिके आधार स्तम्भ हैं और इनकी सुरक्षा होनी ही चाहिए ।
केन्द्र शासन इस विषयपर हस्तक्षेप कर साधुओंकी सुरक्षाको सुनिश्चित करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : क्रेटली न्यूज
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