नांदेडमें ‘होला मोहल्ला’पर गुरुद्वारेसे निकले खड्ग-डण्डोंसे सुसज्जित उपद्रवियोंने पुलिसको दौडा-दौडाकर पीटा
३० मार्च, २०२१
महाराष्ट्रके नांदेडमें खड्ग और डण्डोंसे सुसज्जित सिख उपद्रवियोंने पुलिसपर आक्रमण किया जिसमें ४ पुलिसकर्मी चोटिल हो गए हैं । राज्यमें निरन्तर कोरोना संक्रमणके प्रकरणोंमें वृद्धि होनेके कारण होलीके शोभायात्रापर प्रतिबन्ध लगाया गया था । स्थानीय गुरुद्वारेमें ‘होला मोहल्ला’पर भी रोक लगी हुई थी । सिखोंने भी आश्वासन दिया था कि वे गुरुद्वारेके भीतर ही इसे मनाएंंगे ।
सिख बाहर नहीं निकलें, इस हेतु गुरुद्वारेके बाहर पुलिस बल उपस्थित था । प्रशासनने गुरुद्वारेका द्वार भी बन्द कर दिया था । किन्तु कुछ सिख युवकोंने द्वारको तोड पुलिसपर आक्रमण कर दिया । भीडने पुलिसके वाहनोंको भी क्षतिग्रस्त किया । उपद्रवियोंको नियन्त्रित करनेके लिए अतिरिक्त पुलिस बलको बुलाना पडा । सचखंड हुजूर साहिब गुरुद्वारेमें होलीसे पूर्व पुलिसने एक बैठक बुलाई थी, जिसमें ‘होला मोहल्ला’का आयोजन कोरोना दिशा-निर्देशोंके अनुरूप करनेको कहा गया था ।
सोमवार, मार्च २९, २०२१ को होलीके दिवस मध्याह्नतक सब कुछ शान्तिपूर्ण रूपसे हुआ और होलीसे जुडे धार्मिक अनुष्ठान भी सम्पन्न हुए; किन्तु सन्ध्या होते-होते होलीकी शोभायात्रा निकालनेका समय हुआ तो उपद्रवी गुरुद्वारा परिसरमें एकत्र हो गए । द्वार तोडकर उपद्रवी सडकोंपर आ निकले । पुलिसने शोभायात्राको आगे बढनेसे रोका, जिससे वो भडक गए और ३०० लोगोंने पुलिसपर आक्रमण कर दिया । सन्ध्या ४ बजे हुई इस घटनामें पुलिसके अवरोधक (बैरिकेड्स) भी तोडे गए ।
नांदेड क्षेत्रके पुलिस उपमहानिरीक्षकने २०० लोगोंके विरुद्ध ‘आईपीसी’की धारा ३०८, ३२४, १८८ और २६९के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया है और अबतक १७ लोगोंको बन्दी बनाया गया है । वहां अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और समूचे प्रकरणकी जांंचकी जा रही है ।
उल्लेखनीय है कि फरवरी २०२१में नांदेडसे ही एक खालिस्तानी समर्थक सरबजीत सिंह किरातको पकडा गया था । वो मूल रूपसे लुधियानाका है । इसी भांति एक अन्य प्रकरणमें गुरपिंदर सिंह नामक एक व्यक्तिको अवैधानिक गतिविधियां रोकथाम अधिनियमके अन्तर्गत बन्दी बनाया गया था ।
एक तो कोरोनाका अनियन्त्रित संक्रमण वहीं दूसरी ओर नियमोंकी धज्जियां उडाकर पुलिसकर्मियोंपर आक्रमण करना । ऐसे उपद्रवियोंके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाई हेतु महाराष्ट्र शासनको यथाशीघ्र सक्रिय होना चाहिए । स्वभावतः सिख समुदायद्वारा इस्लामी एकांगवादका विष अपच्यावस्था होनेके कारण सिख समुदाय भी आतंकी वृत्तिके दंशसे पीडित है । ऐसी स्थितिके रूपान्तरित हेतु शीघ्र ही हिन्दू राष्ट्रका अवतरण अनिवार्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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