मन्दिरके दानपात्रमें मिला निरोध, नवाज अब जीवित नहीं : रहीम-तौफीकने भगवानकी शरणमें स्वीकारा अपना जघन्य अपराध
०१ अप्रैल, २०२१
कर्नाटकके मेंगलुरुमें स्वामी कोरगज्जाके मन्दिरमें इसी वर्ष जनवरीमें जिहादियोंने दानपात्रमें निरोध डाला था । पूर्वके दिनों कोरगज्जाके मन्दिरमें अनेक अभद्र घटनाएं हुईं थीं । ऐसे घृणित कृत्यके पश्चातभी पुलिस आरोपियोंको ढूंढनेमें असमर्थ थी ।
इस मन्दिरको लेकर स्थानीय लोगोंके मनमें अपार आस्था है । दुःखी श्रद्धालु निरन्तर कोरगज्जा भगवानसे ऐसे जिहादियोंको दण्ड देनेके लिए प्रार्थना कर रहे थे । तीन दिन पूर्व भगवानने अपने श्रद्धालुओंकी सुनी और ऐसी स्थिति बनी कि जिहादी स्वयं मन्दिरमें आकर पुजारीके समक्ष क्षमाके लिए प्रार्थना करने लगे ।
जिहादियोंमेंसे एक नवाज क्षमा मांगने हेतु जीवित नहीं था । इस कुकृत्यके पश्चात उसे एक दिन रक्तवमन हुआ और वमनके कारण उसके मलसे रक्त निकला । अन्तमें वह अपने घरकी भीतोंपर सिर मारते-मारते मर गया । उस समय उसने उन्हें बताया कि कोरगज्जा उन सबपर क्रोधित हैं ।
अब मात्र अब्दुल रहीम और अब्दुल तौफीक ही जीवित हैं; किन्तु कुछ समय पश्चात रहीमको भी रक्तके वमन आरम्भ हो गए, जैसे नवाजको हुए थे ।
पुलिसने दोनोंको बन्दी बना लिया है । दोनों अब भी भयभीत हैं । कोरगज्जा भगवानको लेकर लोगोंका अनुमान बताया है कि वह अपने न्यायके लिए जाने जाते हैं और दोषीको १००% दण्ड मिलता है ।
ऐसे अनेक दृष्टान्त समय-समयपर दृष्टिगोचर होते आए है जब भगवानने जिहादियोंको उचित दण्ड दिया है । हिन्दुओ, यह सब देखकर भी यदि दृष्टि न खुली तो हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके पूर्व सभी नाम मात्र हिन्दुओंको नष्ट होनेसे कोई बचा नहीं पाएगा; अतः अपने धर्म और संस्कृतिकी रक्षा हेतु सज्ज रहें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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