अयोध्यामें नागा साधुकी निर्मम हत्या, गोशालामें मिला रक्तरंजित शव


०५ अप्रैल, २०२१
 अयोध्याके हनुमानगढीमें दिनांक ४ अप्रैलको एक नागा साधुकी नृशंस हत्या कर दी गई व उनका शव चरण पादुका मन्दिरकी गोशालामें रक्तरंजित अवस्थामें मिला । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार मृत महन्तके गुरु भाई रामबरन दासका कहना है कि कन्हैया दास हनुमानगढी मन्दिरके निकट भोजन करनेके पश्चात गोशालामें शयन कर रहे थे । वहीं उनकी हत्या कर दी गई । उन्होंने यह भी बताया कि उनका भूमि व भवनको लेकर गुरुदास, अन्य नाम शशिकांत दास नामक व्यक्तिसे विवाद चल रहा था । प्रकरण स्थलपर पहुंचे ‘एसपी सिटी’ विजय पाल सिंहने अपना वक्तव्य साझा करते हुए बताया कि उन्होंने आरोपी गुरुदासको अभिरक्षामें ले लिया है व शवको परिक्षण  हेतु भी भेज दिया गया है । अब पुलिस पूरे प्रकरणकी जांच कर रही है व क्षेत्रमें विवाद उत्पन्न न हो, इसकी आशंकाको देखते हुए वहां पुलिस बल भी नियुक्त कर दिया गया है । उल्लेखनीय है कि ४५ वर्षीय मृतक साधु कन्हैया दास हनुमानगढीके बंसतिया पट्टीसे जुडे गुलशन बागके निवासी थे । वह मात्र रात्रि विश्रामके लिए ही चरण पादुका गोशालामें जाते थे । शनिवारको भी वह रात्रि विश्राम हेतु ही वहां गए थे, जहां उनकी हत्या कर दी गई ।
    दिन प्रतिदिन भारतमें ही साधु-सन्तोंपर होते आक्रमणोंके समाचार अब सामान्य विषय हो गए हैं । इसका प्रमुख कारण न्याय व्यवस्थाका ध्वस्त होना व शासनद्वारा साधु-सन्तोंको सुरक्षा प्रदान करनेमें असमर्थता, है । अब प्रशासनको शीघ्र ही कार्यवाही कर अपराधीको कठोर दण्ड प्रदान करना चाहिए ‌ । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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