२५०० ‘डॉलर’का लोभ, मोगामें ३ युवकोंने किया खालिस्तानी ध्वजका ध्वजारोहण : मिली ‘जेल’ ‘फूटी कौडी नहीं मिली
०५ अप्रैल, २०२१
पंजाबके मोगामें १४ अगस्त २०२० को जनपदके प्रशासनिक भवनपर तीन सिख युवकोंने खालिस्तानी ध्वजारोहण किया गया था । ‘सिख फॉर जस्टिस’के नेता गुरुपतवंत सिंह पन्नूके उत्तेजित करनेपर उन्होंने ऐसा किया । तीनों आज भी बन्दी गृहमें बन्द हैं और उन्हें ‘फूटी कौडी नहीं मिली है । ‘खालसा टुडे’के प्रधान सम्पादक सुखी चहलने यह समाचार सार्वजनिक किया है ।
चहलने कहा कि भारतके बाहर रहनेवाले भारत विरोधी तत्त्व पंजाब जैसे राज्योंमें युवाओंका जीवन नष्ट कर रहे हैं । तीनों युवकोंका कुटुम्ब अब पन्नूकी निन्दा कर रहा है । उसने इस कार्यके स्थानपर २५०० ‘डॉलर’ देनेका प्रलोभन दिया था ।
इस घटनामें मोगा पुलिसने भारतीय दण्ड संहिताके अनुच्छेद १२अ (राजद्रोह) और १२१ (शासनके विरुद्ध द्रोह)के अधीन अभियोग प्रविष्ट किया है । इसके अतिरिक्त तीनों युवकोंपर राष्ट्र-गौरव अपमान-निवारण अधिनियमके अधीन भी आरोप आक्षेपित हैं ।
गुरपतवंत सिंह पन्नूने एक चलचित्रमें कहा था कि हरियाणा जो पंजाबका एक भाग था, खालिस्तानका भाग बनेगा । ‘सिख फॉर जस्टिस’का नेता पन्नू पंजाबके युवाओंको उत्तेजित करनेके लिए ‘किसान आन्दोलन’की सहायता भी ले चुका है ।
निधर्मी शासनकर्ता और उनका असहाय शासन राष्ट्रद्रोहियोंपर दण्ड संहितासे मात्र आरोप ही अंकित करता आया है । ऐसे राष्ट्रद्रोहियोंके लिए दण्ड निश्चित है, मृत्युदण्ड और हिन्दू राष्ट्र ही ऐसा करनेमें सक्षम है; अतः शीघ्र ही इसकी स्थापना होनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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