‘सीरियल ब्लास्ट’का आरोपित अब्दुल, सर्वोच्च न्यायालयने बताया संकटपूर्ण मनुष्य: कभी कांग्रेस नेता ओमन चांडीने किया था सहयोग
०७ अप्रैल, २०२१
बेंगलुरुमें २००८ में हुए ‘सीरियल ब्लास्ट’का आरोपित पीडीपी नेता अब्दुल नजीर मदनी पर मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडेने यह टिप्पणी की है । सर्वोच्च न्यायालयने ११ जुलाई २०१४ को मदनीको स्वास्थ्यके सहारे ‘जमानत’ दी थी और उसे बेंगलुरु नगर छोडकर न जानेका आदेश किया था । न्यायालयने कहां वह ‘जमानत’का दुरुपयोग न करे । आज मदनीकी ओरसे न्यायालयमें प्रस्तुत हुए वरिष्ठ अभिवक्ता प्रशांत भूषणने कहा कि उसने अपनी ‘जमानत’का दुरुपयोग नहीं किया है ।
विचारणीय है कि केरलके पूर्व मुख्यमन्त्री और कांग्रेस नेता ओमन चांडीने बेंगलुरु विस्फोटके मुख्य अभियुक्त मदनीको बिना अभियोगके अनिश्चितकाल तक बन्दीगृहमें रखनेको अनुचित बताया था । इस पर अभियोजन समूहके एक सदस्यने कहा कि वह कथित रूपसे आतंकी गतिविधियोंमें संलिप्त था । यदि मुख्यमन्त्री ऐसे किसी अभियुक्तसे मिलते हैं, तो यह घातक सिद्ध हो सकता है ।
बता दें कि बेंगलुरुमें जुलाई २००८ में क्रमानुसार विस्फोटकी घटनाको परिणाम दिया गया था । इसमें पुलिसने ३२ आरोपितोंका अभिज्ञान किया था, जिनमेंसे २२ को अबतक बन्दी बनाया जा चुका है । इस पूर्ण घटनामें शोएब नामके व्यक्तिकी मुख्य भूमिका थी ।
राजनीतिक दलोंने अपने उपयोग हेतु जिहादियोंका पालन पोषण किया है । ऐसे लोग अपने राष्ट्रके लिए दीमक तुल्य होते हैं । इनका पतन हो इस हेतु सभी राष्ट्रवादी लोग ऐसे जिहादियोंके विरुद्ध अभियोग प्रविष्ट कराएं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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