अर्धसैनिक बलोंपर अभद्र टिप्पणी करनेपर ममता बनर्जीको चुनाव आयोगका ‘नोटिस’
१० अप्रैल, २०२१
बंगालमें चुनावी प्रचारके मध्य अब केन्द्रीय अर्धसैनिक बलोंको लेकर राज्यकी मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीद्वारा अभद्र टिप्पणी करनेपर चुनाव आयोगने उन्हें ‘नोटिस’ जारी किया है । चुनाव आयोगने उनके वक्तव्यको पूर्णतः अनुचित व भडकाऊ बताते हुए उन्हें शनिवार, १० अप्रैल प्रातः ११:०० बजेसे पूर्व अपने पक्ष रखनेको कहा है । यदि ममता इसमें अपना पक्ष स्पष्ट रूपसे प्रस्तुत करनेमें विफल होती हैं, तो उनके विरुद्ध आदर्श आचार संहिताका उल्लंघन करनेपर ‘आईपीएस’की विभिन्न धाराएं, जिसमें धारा १८६, १८९, ५०५ के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी । आयोगने अपनी बातपर बल देते हुए कहा है कि गत ७ अप्रैलको ममताने केन्द्रीय अर्धसैनिक बलोंपर ग्रामीणोंको व्यथित करने व महिलाओंके साथ छेडछाड करनेका आरोप लगाया था । उन्होंने सैनिकोंपर केन्द्र शासनके कहे अनुसार कार्य करनेका भी आरोप लगाया था । यह प्रकरण अलीपुर जनपदमें एक जनसभाको सम्बोधित करते हुए समयका है, जहां ममता बनर्जीने चुनाव आयोगपर ‘सीआरपीएफ’, ‘सीआईएसएफ’ व ‘बीएसएफ’के उत्पीडनपर आंखें मूंदनेका आरोप लगाया है । उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बंगालपर अपना शासन करनेसे पूर्व देहलीके विषयमें सोचे, उसके पश्चात बंगालकी ओर ध्यान दे । उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावके मध्य ममताको चुनाव आयोगका यह दूसरा ‘नोटिस’ दिया गया है । इससे पूर्व अल्पसङ्ख्यक मतदाताओंसें विभिन्न राजनीतिक दलोंके मध्य अपने मतको विभाजित न करनेकी विनतीके साथ आदर्श आचार संहिताके उल्लंघनका भी ‘नोटिस’ दिया गया था ।
तुष्टीकरणकी राजनीति करते राजनेताओंद्वारा नित्य चुनाव सम्बन्धित नियमोंके उल्लङ्घनपर मात्र ‘नोटिस’ पकडानेपर भी कोई लाभ नहीं मिला । राजनेता उचित मार्गपर नहीं आ रहे हैं; अत: ऐसे व्यक्तियोंपर कठोर कार्यवाही अब आवश्यक है, जिससे अन्य लोगोंको भी इस प्रकारके कृत्य करनेसे पूर्व सोचना पडे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply