उदित राजने कुम्भपर प्रसारित किया छद्म समाचार, लोगोंने कराया सत्यका भान
१५ अप्रैल, २०२१
कथित दलित राजनेता उदित राजने कुम्भ मेलेको लेकर छद्म समाचार प्रसारित किया । उन्होंने सामाजिक जालस्थल ‘ट्विटर’के माध्यमसे एक छायाचित्रको साझा करते हुए लिखा कि “१५०० ‘तबलीगी जमात’ भारतमें ‘कोरोना जिहाद’ कर रहे थे और अब लाखों साधु जुटे कुम्भमें उस जिहाद और ‘कोरोना’से निपटनेके लिए ।” उदित राजका यह ‘ट्वीट’ कुछ क्षणोंतक ही टिक सका; क्योंकि उनके ‘ट्वीटके साझा करनेके पश्चात ही लोगोंकी तीव्र प्रतिक्रिया उसपर आने लग गई । लोगोंने उन्हें प्रमाण देकर सूचित किया कि यह छायाचित्र २०१९ का है । सामाजिक जलस्थलपर उनका उपहास करते हुए उन्हें बताया कि यह चित्र पिछले वर्षका है । वहीं अन्यने लिखा कि महाराष्ट्रमें तो चुनाव नहीं है, तो वहां क्या हो गया ? उदित राज इस छायचित्रके माध्यमसे शासनसे पूछना चाहते थे कि शासन धार्मिक शिक्षा व अनुष्ठानोंपर क्यों व्यय करता है; क्योंकि शासनका स्वयं कोई धर्म नहीं होता । लोगोंकी आलोचना सुननेके पश्चात उन्होंने स्वयं ही अपने उस ‘ट्वीट’को हटा दिया और लिखा कि मैंने कुम्भ मेलेका उदाहरण इसलिए दिया था; क्योंकि इसमें अत्यधिक धन व्यर्थ होता है ।
जिस देशकी नींव ही सनातन धर्म है । जहां विश्व भरसे लोग कुम्भ मेलेके दर्शन हेतु आते हैं, वहां किसी राजनेताको इसपर व्यय हुआ धन अपव्यय लगता है । तुष्टीकरणकी राजनीति ऐसे राजनेताओंके मन बुद्धिपर पूर्णतः अंकित हो चुकी है, तभी वह हिन्दू धर्म विरोधी कथन साझा करते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply