‘कोरोना’पर कुम्भ और अन्य राज्योंकी निन्दा, स्वयं पथ प्रदर्शनकर एकत्रित किया जनसमूह, संजय राउत भी निकले अस्थिर
१६ अप्रैल, २०२१
शिवसेनाके मुख्य प्रवक्ता और सांसद संजय राउतने कुछ समय पूर्व महाराष्ट्रमें ‘कोरोना’की भयावह स्थितिके लिए अन्य राज्योंकी निन्दा की थी और हरिद्वारमें चल रहे कुम्भपर सङ्क्रमणका उत्तरदायित्व डाला था; किन्तु अब वह स्वयं महामारीकी इस परिस्थितिमें पथ प्रदर्शनकर जनसमूह एकत्रित करते पकडे गए हैं । राउतने पथ प्रदर्शन भी अपने राज्यमें नहीं किया है । इसके लिए वह पडोसके कर्नाटक चले गए । उन्होंने १४ ‘अप्रैल’ २०२१ बुधवारको यह पथ प्रदर्शन किया । बेलगाम लोकसभा क्षेत्रमें १७ ‘अप्रैल’को उपचुनाव होने हैं । राउतने कहा कि वह दलके मुखिया उद्धवके सङ्केतपर यहां आए हैं ।
उन्होंने कहा था कि हरिद्वारके कुम्भसे लौटनेवाले श्रद्धालु ‘कोरोना’ सङ्क्रमणके संवाहक हो सकते हैं, जिससे बडा विनाश होनेकी आशङ्का है । राउतने यह भी कहा था कि महाराष्ट्रमें ‘कोरोना’ इसलिए बढ रहा है; क्योंकि अन्य राज्योंसे लोग यहां आते हैं ।
सामाजिक जालस्थलपर लोगोंने संजय राउतके दोहरे चरित्रपर कटाक्ष किया है, लोगोंने संजय राउतसे पूछा कि क्या उनके शक्ति प्रदर्शनसे ‘कोरोना’ नहीं फैलेगा ? एक ओर वह कुम्भपर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं, दूसरी ओर स्वयं शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं । यद्यपि कुम्भमें प्रवेश लेनेके लिए ‘कोरोना नैगेटिव’ प्रमाणपत्र आवश्यक है और वहां सभी दिशा निर्देशोंके पालनके लिए पुलिसबल भी नियुक्त किया गया है । वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र पूर्ण राष्ट्रमें ‘कोरोना’का केन्द्र बना हुआ है; किन्तु राउत दूसरोंको ज्ञान दे रहे हैं ।
सत्तालोलुप राजनेता अपनी छवि बनाने हेतु अनेक मिथ्या भाषण करते आए हैं, जो राजनेता अपने ही धर्म और संस्कृतिको किसी भी सङ्कटका पर्याय बताने लगे, ऐसे राजनेताओंको हिन्दू राष्ट्रमें रहने हेतु स्थान कदापि नहीं मिलेगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply