अध्यात्मके शोधमें बेन स्विट्जरलैंडसे ६००० किलोमीटरकी यात्राकर पैदल पहुंचे भारत


१९ अप्रैल, २०२१
     भारतमें सनातन धर्म चिरकालसे ही विभिन्न राष्ट्रोंमें रहनेवाले आध्यात्मिक प्रवृत्तिके लोगोंके लिए आकर्षणका केन्द्र रहा है । भारतके योग, ध्यान व आध्यात्मसे प्रेरित होकर अनेक विदेशी भारत आते हैं । अब उन्हींमेंसे एक बेन नामक व्यक्ति हैं, जो स्विट्जरलैंडके निवासी हैं तथा ‘वेब डैवलपर’ हैं । आजकल सामाजिक जालस्थलोंपर उनका एक ‘वीडियो’ साझा हो रहा है, जिसमें हरिद्वारके महाकुम्भसे बेन बाबा अपने विषयमें बता रहे है । इसमें चकित करनेवाली बात यह है कि बेन स्विजरलैंडसे पैदल यात्राकर भारतके लिए निकल पडे थे व १८ राष्ट्रोंकी सीमाओंको पारकर चार वर्ष पश्चात भारत पहुंचे हैं । अब वह हिमाचल प्रदेशमें रहते हैं । ३३ वर्षीय तथा ‘वेब डिजाइनिंगका व्यवसाय करनेवाले बेनको धनका अभाव नहीं था; परन्तु उन्हें कभी भी सुखकी प्राप्ति नहीं हुई । अध्यात्ममें उन्नति करने हेतु उन्होंने भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं योगको अपना माध्यम बनाया है । इसको प्राप्त करने हेतु तथा भारततक पहुंचनेके लिए उन्हें ६ सहस्र किलोमीटरसे अधिककी यात्रा करनी पडी । इसी मध्य उन्होंने तुर्की, ईरान, आर्मेनिया, जॉर्जिया रूस, चीन व पाकिस्तान समेत १८ राष्ट्रोंकी सीमाको पार किया है । बैनको भारतीय संस्कृति, योग व ध्यानके विषयमें जानकारी स्विट्जरलैंडमें ही पुस्तकोंके माध्यमसे प्राप्त हुई थी । बेन भारतमें भ्रमण करके मन्दिरों, मठों व धर्मस्थलोंमें भारतीय संस्कृति और सनातन धर्मका अध्ययन कर रहे हैं । वह पतंजलि संस्थानसे योग भी सीख रहे हैं । बेन हिन्दी भी स्पष्ट बोलते हैं व गंगा आरती करते हुए भी अनेक बार दृष्टिगत हुए हैं । उल्लेखनीय है कि बेन संन्यासियोंके समान अपना जीवन व्यतीत करते हैं एवं उनका कोई ठिकाना भी नहीं है । मार्गमें जहां भी उन्हें थकान अनुभव होती है वह वहीं अपना डेरा लगा लेते हैं एवं जंगल, निर्जन स्थलोंपर भी रात्रि बिता चुके हैं तथा भिक्षा मांगकर अपना उदर भरण करते हैं । उनका कहना है कि वे भविष्यमें अपने देश स्विट्जरलैण्ड लौटकर लोगोंको धर्म और अध्यात्मके मार्गपर ले जानेका प्रयास करेंगे ।
      जहां अनेक भारतीय भौतिक सुख प्राप्त करने हेतु पाश्चात्य संस्कृतिकी ओर अग्रसर हो रहे हैं । वहीं अपने जीवनको मुक्ति मार्गपर लाने हेतु विदेशी नागरिक पाश्चात्य सभ्यताका त्यागकर सनातनधर्मका अनुसरणकर मोक्षके मार्गकी ओर अग्रसर हो रहे हैं । सम्पूर्ण विश्वमें केवल सनातन धर्म ही भौतिकवादसे आध्यात्मिकताकी ओर ले जानेवाला मार्ग दिखाता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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