‘गोरखपुर काण्ड’के आरोपी डॉ. कफील खान ‘कोरोना’के उपचारके लिए ‘स्टेरॉयड’के प्रयोगका परामर्श देकर फंसे
१९ अप्रैल, २०२१
बिना चिकित्सकीय देखरेखके उपयोगपर जिन औषधियोंसे गम्भीर हानि हो सकती है, कफील खान उसे लोगोंको स्वयंसे लेनेका परामर्श दे रहे हैं । ‘सोशल मीडिया’पर डॉ. कफीलकी जानकारीके पश्चात लोगोंने ‘स्टेरॉयड’के हानिके विषयमें उन्हें स्मरण कराया, जिसके पश्चात उन्होंने एक अन्य ‘ट्वीट’ करते हुए कहा कि स्रोत कनाडाके एक डॉ. जैन चागला हैं, जो सङ्क्रामक रोगोंके विशेषज्ञ हैं ।
उत्तर प्रदेशके गोरखपुरमें २०१७ में हुए ‘ऑक्सीजन’ प्रकरणके आरोपित डॉ. कफील खान अब सामाजिक जालस्थलपर लोगोंको ‘कोरोना’से बचनेका परामर्श दे रहे हैं । बिना चिकित्सकीय देखरेखके उपयोगपर जिन औषधियोंसे गम्भीर हानि हो सकती है, कफील खान उसे लोगोंको स्वयंसे लेनेका परामर्श दे रहा है ।
जिहादी जिहादके प्रतिदिन नूतन ढंग ढूंढते रहते हैं । डॉ. कफील खानद्वारा सुझाई गई युक्ति भी उन्हीमेंसे एक है । विगतकालमें भी उनके सभी कार्य सन्देहास्पद रहे हैं । एक ऐसी महामारी जिसके उपचारके लिए अभीतक कोई सर्वमान्य औषधि नहीं है, उसके लिए सामाजिक जालस्थलपर किसी विशेषज्ञद्वारा सुझाया गया उपचार बताना गम्भीर अपराधकी श्रेणीमें आता है; अत: डॉ. कफील खानके विरुद्ध महामारी विधानके अन्तर्गत कार्यवाहीकर अतिशीघ्र कारावासमें डाला जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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