अरबाज करने जा रहा था सघोष विक्रय (नीलाम), बाल-बाल बची बरेलीकी हिन्दू युवती
२२ अप्रैल, २०२१
उत्तर प्रदेशमें शासन और प्रशासनकी सामूहिक कठोरता एवं ‘लव जिहाद’के विरुद्ध कठोरतम विधान बननेके पश्चात भी जिहादियोंका दुःसाहस समाप्त नहीं हो रहा है । एक ऐसा ही नवीन प्रकरण हिन्दू सङ्गठनोंकी सक्रियताके कारण सार्वजनिक हुआ है । उत्तर प्रदेशमें ‘लव जिहाद’का नवीन प्रकरण बरेलीसे सामने आया है, जहां देहलीकी एक अवयस्क लडकीको फुसलाकर बरेली लाया गया और उसका विक्रय अनुबन्ध किया जा रहा था, जिसकी भनक हिन्दू सङ्गठनोंको लगी । हिन्दू सङ्गठनोंकी सक्रियताके पश्चात पुलिसने प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है; परन्तु जिहादी अवसरका लाभ उठाकर घटनास्थलसे भागनेमें सफल हुए ।
उल्लेखनीय है कि किशोरी देहलीमें अपने भाईके साथ रहती थी और वहीं उसका परिचय जिहादी अरबाजसे हुआ । कुछ दिवस पूर्व वह घर छोडकर चली गई थी । उसकी ‘गुमशुदगी’की ‘रिपोर्ट’ वहांके थानेमें प्रविष्ट है । पुलिसने घटनास्थलसे किशोरी और आरोपीके माता-पिताको ढूंढ निकाला है । पुलिसके अनुसार प्रकरण देहलीका है, जिसके चलते वे देहली पुलिसके आनेपर लडकीको उन्हें सौंप देंगे । जांचमें किशोरीकी ‘नीलामी’ पचास सहस्र रुपयेमें निर्धारित पाई गई है ।
वासनान्धोंकी सभ्यतामें स्त्रियोंको ‘नीलाम’कर वेश्यावृत्तिमें संलिप्त करनेकी कुप्रथा इस पन्थके जन्मके कालसे ही चली आ रही है । इस्लाममें स्त्रियोंसे हिंसा व आक्रोशकर वस्तुभोग ही किया जाता है । हिन्दू युवतियां, अब तो अपनी बुद्धिसे धर्मनिरपेक्षताका भूत उतारें और देखें कि प्रत्येक अरबाज जिहादी ही होता है और इसे जितना शीघ्र समझेंगी, उतना ही शीघ्र जिहादियोंसे अपना जीवन बचा सकेंगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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