केरलमें मदरसेके ‘उलेमा’ने ११ वर्षीय बालकका किया यौन उत्पीडन, न्ययालयने सुनाया २० वर्षका दण्ड व ५००००० रुपए अर्थदण्ड
२४ अप्रैल, २०२१
केरलके कासरगोडमे एक मदरसेके ‘उलेमा’को यौन उत्पीडनके आरोपमें २० वर्ष कारावासका दण्ड सुनाया गया । अब्दुल हनीफ मधानी नामक ४१ वर्षीय उलेमापर ११ वर्षीय बालकके यौन उत्पीडनका आरोप था । सत्र न्यायालयके न्यायाधीश टीके निर्मलने अब्दुल हनीफको दोषी बताते देते हुए दण्ड सुनाया ।
‘पॉक्सो’के लोक अभियोजक (पब्लिक प्रॉजिक्यूटर) प्रकाश अमनयने बताया कि उसे इस सम्बन्धमें कहा कि उसे ‘पॉक्सो एक्ट’की धारा ६ के अन्तर्गत २० और ‘आईपीसी’की धारा ३७७ में उसे १० वर्षका दण्ड सुनाया गया । दोनों दण्ड साथ-साथ चलेंगे । न्यायालयने अब्दुलपर ५० सहस्र रुपएका अर्थदण्ड भी लगाया । अर्थदण्डकी राशि नहीं दिए जानेपर उसकी सजाको १२ माह और बढा दी जाएगी ।
शासकीय अधिवक्ताके (वकीलके) अनुसार, आरोपीने पीडित बच्चेका कई बार यौन शोषण किया । अन्तिम बार उसने ऐसा ३१ मई २०१६ को हुआ था । इसके पश्चात अम्बलथारा थानेमें उसके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट हुई; परन्तु वह मुक्त हो गया । न्यायालयने कुछ समय पूर्व उसे दोषी पाया, जिसके पश्चात उसे बन्दी बनाया गया ।
मदरसोंको बन्द करना अब आवश्यकता बन गई है; क्योंकि वहां केवल बच्चोंका शोषण और आगामी आतङ्कियोंका पोषण किया जाता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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