‘वस्त्र उतारो, देखूंगा ‘बॉडी रोल’के लिए उचित है अथवा नहीं’ : ‘कास्टिंग काउच’पर ईशा अग्रवालने खोला भेद
०१ मई, २०२१
‘मिस ब्यूटी टॉप ऑफ द वर्ल्ड’ २०१९का पुरस्कार जीत चुकीं ईशा अग्रवालने ‘स्पॉटबॉय’ पत्रिकाको दिए एक साक्षात्कारमें ‘कास्टिंग काउच’का भेद बताया । ईशा अग्रवालका कहना है, “मनोरञ्जन विश्वमें मेरी यात्रा सरल नहीं रही । मुझे इसमें अनेक समस्याओंके साथ सङ्घर्ष करना पडा । ‘कास्टिंग काउच’ आज भी सत्य है । जब मैं मुंबईमें प्रथम बार आई थी तो एक ‘कास्टिंग पर्सन’ने मुझे अपने कार्यालयमें बुलाया था और बातों ही बातोंमें उसने मुझे निर्वस्त्र होनेके लिए कहा ।”
ज्ञातव्य है कि यह आरोप इस चलचित्र जगतपर लगते ही रहते हैं और समाजको विकृत करनेमें इनका बडा योगदान है । मात्र, हिन्दू राष्ट्र ही अब सांस्कृतिक परिप्रेक्षयमें युवा पीढीका उचित मार्गदर्शन करनेमें सक्षम है; अतः आगामी काल युवाओंके स्वप्नोंको पूर्ण करनेमें सहायक सिद्ध हो, इस हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके कार्यमें बढ-चढकर सम्मिलित हों । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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