‘जमातियोंके विरुद्ध भौंक रहा था, ‘अल्लाह’ने ‘जहन्नुम’में सडने भेजा’ : रोहित सरदानाके निधनपर धर्मान्ध जिहादियोंने व्यक्तकी प्रसन्नता
०१ मई, २०२१
आज तक संचार माध्यमके वरिष्ठ पत्रकार ४२ वर्षीय रोहित सरदानाके हृदयाघातके कारण निधनके पश्चात सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर जिहादियोंने उत्सव मनाते हुए अनर्गल प्रलाप किया है और लिखा है कि वे मुसलमानोंके प्रति घृणा फैला रहे थे । विगत वर्ष वे तबलीगी जमातियोंके विरुद्ध ‘भौंक’ रहे थे । बंगालकी सभाएं और कुम्भ आवश्यक नहीं थे जो कोरोना फैला रहे थे; इसीलिए ‘अल्लाह’ने योजना बनाई और उन्हें नरकके लिए चुना ।” इसी प्रकारकी घृणा अनेक मुसलमानोंने व्यक्त की ।
कुम्भ और बंगालका उल्लेख करना; किन्तु केरल, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और असमको भूल जाना यह दर्शाता है कि बंगाल म्लेच्छोंकी उद्देश्यपूर्ति लिए कितना आवश्यक है ? जिस बंगालमें नित्य हिन्दुओंकी हत्या हो रही है,
रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियोंका प्रभाव बढता जा रहा है, उसे दूसरा कश्मीर बनानेका षड्यन्त्र किया जा रहा है, वहां चुनाव किसीको रास नहीं आ रहा है ! रोहित सरदानाकी मृत्युके माध्यमसे भी अपना लक्ष्य साधनेका प्रयास जिहादी कर रहे हैं ! समय रहते हिन्दुओंको सतर्क हो जाना चाहिए ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply