सामूहिक परिवादके (मास रिपोर्टिंगके) पश्चात महन्त नरसिंहानंद सरस्वतीका ट्विटर खातेसे निलम्बन, कट्टरपन्थी व्यक्त कर रहे हैं प्रसन्नता
०२ मई, २०२१
गाजियाबादके डासना स्थित देवी मन्दिरके महन्त यति नरसिंहानंद सरस्वतीका खाता ‘माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर’से निलम्बित हो चुका है । नरसिंहानंद सरस्वतीने अचानक अपने खातेपर हुई कार्रवाहीको लेकर ट्विटरको एक संपत्र (मेल) भी लिखा है । इसमें बताया गया कि उन्होंने कभी किसीको व्यक्तिगत विरोध करने या प्रताडित करनेकी मंशासे कुछ नहीं लिखा है ।
बता दें कि यति नरसिंहानंद सरस्वतीका ‘अकाउंट सस्पेंशन मास रिपोर्टिंग’का परिणाम है । यह रहस्य तब उद्घाटित हुआ, जब खाता निलम्बित हुए कुछ देर हुई और ‘सोशल मीडिया’पर कुछ उपयोगकर्ता इसका उत्सव मनाने लगे ।
उल्लेखनीय है कि यति नरसिंहानंद सरस्वतीपर आरोप है कि उन्होंने ‘पैगम्बर’ मोहम्मदको लेकर कोई टिप्पणी की थी । इसके पश्चात वह कट्टरपन्थियोंकी सूचीमें हैं । उन्हें ‘सर तनसे जुदा’की धमकी दी गई, जिसका उपयोग इस्लामी कट्टरपन्थी करते हैं ।
सोशल मीडियामें अनेक ऐसे जिहादी मुसलमान हैं, जो निरन्तर यति नरसिंहानंदको लक्ष्य बनाकर मृत्युकी धमकी देते हैं । स्वतन्त्र भारतमें इस प्रकारका अपराध हो रहा है और उनको शासन दण्ड भी नहीं देता है । यह क्षोभनीय है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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