महाराष्ट्रके चिकित्सक अपने वेतन-वृद्धिके लिए कर रहे हैं प्रतीक्षा, अस्वच्छ वातावरणमें रहनेको हैं विवश
०७ मई, २०२१
बृहन्मुम्बईके ‘बीएमसीके आवासीय चिकित्सकोंने अपनी भूख हडताल करनेकी बात कही है । एक वर्ष पूर्व अगस्त माहमें उन्हें भत्ता देनेका निर्णय लिया गया था, जो दस सहस्र रुपए प्रतिमाह निर्धारित हुआ था; किन्तु अभीतक किसी भी आवासीय चिकित्सकको नहीं मिला । वे अपना जीवन सङ्कटमें डालकर सङ्क्रमित रोगियोंकी चिकित्सा कर रहे हैं । ‘बीएमसी’के चिकित्सकोंने आरोप लगाया है कि उन्हें अस्वच्छ वातावरणमें कार्य करना पड रहा है, जहांपर नष्ट करने योग्य कचरा भी पडा रहता है और उसपर मक्खियां भिनभिना रही होती हैं । वहांके आवासीय परिसरमें मच्छरोंका सङ्कट भी बहुत बढ गया है । आवासीय चिकित्सकों तथा छात्रावासके लिए आहार भी निम्न गुणवत्ताका है । इसके अतिरिक्त, छात्रोंको भी कोई प्रोत्साहन नहीं मिलता, जबकि बृहन्मुम्बई नगर पालिका भारतकी सबसे धनी नगर पालिका है और इसके पास धनका कोई अभाव नहीं है ।
महाराष्ट्रका असफल शासन ही वहांकी दुर्दशाका कारण है । केवल हिन्दूराष्ट्रमें ही सभी प्रकारके श्रमिकोंको उचित वातावरण और सुविधाओंकी प्राप्ति हो सकेगी, इसीलिए सभी हिन्दुओंको मिलकर हिन्दूराष्ट्रके लिए प्रयास करना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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