काजीकी मृत्युपर एकत्रित हुए सहस्रों मुसलमान, शवयात्रामें ‘कोरोना’की पारस्परिक दूरीका हुआ उल्लंघन
०९ मई, २०२१
उत्तर प्रदेशके बदायूंमें काजी अब्दुल हमीदके मृत शरीरको देखनेके लिए सहस्रोंकी सङ्ख्यामें मुसलमान एकत्रित हुए; किन्तु उन सभीने परस्पर दूरीको ताकपर रखा ।
उत्तर प्रदेशके शासनके कडे निर्देशोंके अनुसार, मृतकोंकी सभामें अधिकतम बीस लोग सम्मिलित हो सकते हैं; किन्तु इस काजीके लिए इतनी अधिक भीड एकत्रित हुई कि सभी आगन्तुक एक-दूसरेसे चिपके हुए थे । ‘वीडियो’के अनुसार, अधिकांशने मुखावरण धारण नहीं किया हुआ था, जिस कारण कोरोना महामारीका विस्फोटक सङ्कट बढ गया है । मीडिया तथा वामपन्थी समूहोंके सभी विरोधी, आंखें भींचकर और मुखपर ताला जडकर बैठ गए हैं । उत्तर प्रदेश शासनके कठोर नियमोंके अनुसार, मुखावरणकी अवहेलना करनेपर, एक सहस्र रुपये दण्ड लिया जाता है, जबकि पुनः ऐसा करनेपर दस सहस्र रुपएतक आर्थिक दण्ड लिया जा सकता है । इससे पूर्व राजस्थानके सीकरमें भी शवयात्राकी भीडके कारण २१ लोगोंकी मृत्यु हो गई थी ।
लोकतन्त्र पुनः अपनी असफलता सिद्ध करता दिखाई दिया । यदि दण्डका भय न हो तो ऐसा होना सामान्य है और धर्मान्ध प्रायः नियमोंकी अवहेलना करते ही रहते हैं । हिन्दू राष्ट्रमें सभी नियमोंका पालन, नागरिक स्वयं ही करते दिखाई देंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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