पंजाबके मुख्यमन्त्री अमरिन्दरने किया था जिन किसानोंका समर्थन, उन्होंने ही कांग्रेस शासनके विरुद्ध किया आन्दोलन; कहा, नहीं मानेंगे गृहबन्दीके नियम
०९ मई, २०२१
राष्ट्र पूर्वसे ही ‘कोरोना’ महामारीकी द्वितीय लहरसे सङ्घर्ष कर रहा है; परन्तु किसान आंदोलन अभी भी समाप्त होनेका नाम नहीं ले रहा है । किसान प्रदर्शनकारी पूर्वकी भांति जनसमहू एकत्रित रहे हैं एवं कुम्भ व चुनावी सभाओंके विरुद्ध स्वर ऊंचा करनेवाला ‘मीडिया’ मौन है । अब पंजाबमें किसानोंने कहा कि वह साप्ताहिक ‘लॉकडाउन’के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन एवं उसके दिशानिर्देशोंका प्रत्यक्ष रूपसे उल्लंघन करेंगे ।
मुख्यमन्त्रीने किसान संघर्ष मोर्चाके ‘लॉकडाउन’ विरोधी प्रदर्शनको ध्यानमें रखते हुए किसी भी प्रकारके उल्लंघनको कठोरतासे पालन करनेके आदेश दिए थे । उन्होंने कहा था कि ३२ किसान सङ्गठनोंका प्रदर्शन शासनपर अपने सुझाव नहीं थोप सकता । ये वही अमरिन्दर सिंह हैं, जिन्होंने देहलीकी सीमाओंपर बैठे इन्हीं किसानोंका कई बार समर्थन किया था । उन्होंने केन्द्र शासनको इनकी मांगें स्वीकारने हेतु कई बार निवेदन किया था ।
इसे कहते हैं अन्यके लिए खोदे गड्ढेमें स्वयं गिरना ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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