देहलीमें ‘रेमडिसविर इंजेक्शन’के अवैध व्यापारी आरोपीको न्यायालयने दी प्रतिभूति


१३ मई, २०२१
 देहलीमें उच्च न्यायालयने ‘रेमडिसविर इंजेक्शन’के ‘कालाबाजारी’ करने वाले २४ वर्षीय युवकको प्रतिभूतिपर मुक्त किया गया है । बताया जा रहा है कि आरोपी युवक ‘ब्रोंकियल अस्थमा’का रोगी है जिस आधारपर उसे मुक्त किया गया है । आरोपी हर्षित बंसलद्वारा एक वृद्ध महिलाको दो ‘रेमडिसविर इंजेक्शन’ अनधिकृत रूपसे विक्रय करनेके आरोपमें पुलिसने उसे अपनी अभिरक्षामें लिया था ।
   ये भारतकी विदीर्ण हो चुकी न्यायपद्धतिका एक और उदाहरण है, जिसमें किसी अपराधीको रोगके मिथ्याहेतुसे तो किसीको गर्भावस्थाके कारण मुक्त कर दिया जाता है । यदि यह मुक्तिका मापदण्ड है तो यह अनुचित है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : डू पॉलिटिक्स


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