केजरीवालने ‘ई-मेल’ लिखकर केन्द्रको ‘ऑक्सीजन’ भेजनेसे किया था मना, ‘मीडिया’में बोलता रहा असत्य
१५ मई, २०२१
केन्द्र शासनने अपने एक ब्यौरेमें राष्ट्रीय राजधानीमें ‘कोरोना’ रोगियोंके लिए ‘ऑक्सीजन’के अभावके मध्य प्रतिदिन ७०० मीट्रिक टन ‘ऑक्सीजन’की मांग करनेवाले देहलीके केजरीवाल शासनकी चूकको उजागर किया है ।
केन्द्रको, केजरीवाल शासनद्वारा लगाए गए आरोपोंके पश्चात न्यायालयसे आलोचनाके सहित सार्वजनिक आक्रोशका सामना करना पडा था; यद्यपि केन्द्रका कहना है कि देहलीको निरन्तर ‘ऑक्सीजन’ दी गई; परन्तु देहलीने वह सीमित भण्डारण क्षमताके कारण लौटा दी थी ।
ब्यौरेके अनुसार केजरीवाल शासनने क्रमानुसार ‘ईमेल’ साझाकर केन्द्र शासनसे अतिरिक्त ‘ऑक्सीजन’ न भेजनेकी प्रार्थना की थी; क्योंकि देहलीके पास ‘ऑक्सीजन’की पर्याप्त भण्डारणकी सुविधा नहीं थी; यद्यपि पत्रकार वार्ताकर केजरीवाल समान रूपसे केन्द्रपर कम ‘ऑक्सीजन’ भेजनेका आरोप लगाकर ‘ऑक्सीजन’ आपूर्ति करनेका नाटक करते रहे ।
केजरीवाल ‘ऑक्सीजन’ भण्डारणकी व्यवस्था न कर पानेकी अपनी असफलता तथा अक्षमता छुपाकर देहलीकी जनताको मूर्ख बनाते रहे और अनेक लोगोंकी बिना ‘ऑक्सीजन”के मृत्यु होती रही । ‘ऑक्सीजन’की न्यूनतासे देहलीमें जितने लोगोंकी मृत्यु हुई उसके लिए केजरीवाल और मनीष सिसोदियाको देहलीकी जनतासे क्षमायाचना करनी चाहिए ।
जो व्यक्ति स्वयं दोषी होनेपर भी अन्योंको दोषी ठहराता हैं तथा अपने ही राष्ट्र तथा जनताके साथ छल करता, ऐसे देशद्रोहियोंको तो कठोरसे कठोर दण्ड मिलना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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