मध्य प्रदेश पुलिसने मार्गपर ठेला लगाकर साग विक्रय करनेको मना किया, सीनेमें चाकू घोंप उस्मानी भागा
२९ मई, २०२१
गढा थाना प्रभारी राकेश तिवारीने बताया कि ‘कोरोना’ सङ्क्रमणका विस्तार रोकनेके लिए लगाई गई गृहबन्दीका पालन करानेके लिए ४३ वर्षीय आरक्षक अजय श्रीवास्तवकी नियुक्ति गुरुवार, २७ मई २०२१ को आनंदकुंजमें की गई थी । जब अजय पहुंचे, तो वहां उन्हें उस्मानी निवासी आनंदकुंज गढा ठेलेपर शाक विक्रय करते मिला । ठेलेके चारों ओर ग्राहकोंकी भीड लगी हुई थी । आरक्षकने उसे समझाया कि वह ऐसे मार्गपर खडे होकर नहीं, वरन ‘मोहल्ले’ और नगरमें घूमकर शाक विक्रय करे । उस्मानी इस बातसे क्रोधित हो गया । उसने कहा कि वह कहीं नहीं जाएगा, जहां मन चाहेगा वहां खडे होकर शाक विक्रय करेगा ।
इसको लेकर आरक्षक और विक्रेतामें विवाद हो गया । आरक्षक कुछ समझ पाते, तबतक उस्मानीने ठेलेपर रखे चाकूसे उनपर प्राणघातक आक्रमण कर दिया । छातीमें चाकू लगनेके कारण अधिक रक्त निकल गया, जिससे अजय वहीं गिर पडे और उस्मानी ठेला छोडकर भाग निकला ।
जिहादी न तो किसी विधानको माननेके लिए सज्ज हैं और न ही उन्हें किसी विधानका भय है । जिहादियोंकी प्रवृत्ति किस सीमातक तक हिंसक एवं दूषित है, वह इस पुलिसकर्मीपर किए गए आक्रमणसे ज्ञात होता है । प्रशासनको चाहिए कि अपराधी जिहादीको कडेसे कडा दण्ड मिले, जिससे भविष्यमें कोई भी जिहादी ऐसा कृत्य करनेका साहस न करे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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