लन्दनमें भारत विरोधी उद्धोष ‘न हिन्दी, न हिन्दू, न हिन्दुस्तान, बनकर रहेगा खालिस्तान’
०७ जून, २०२१
लन्दनके ‘ट्राफलगर स्क्वायर’में ०६ जूनको एक समारोहमें भारतके राष्ट्रीय ध्वज तिरंगेमें आग लगाते हुए खालिस्तानी समर्थकोंद्वारा ‘खालिस्तान जिंदाबाद’के ‘नारे’ लगानेवाला चलचित्र प्रसारित हो रहा है, और इसमें एकत्रित हुई भीडको हिन्दूविरोधी ‘नारे’ लगाते भी सुना जा सकता है । वह कहते हैं, “न हिन्दी, न हिन्दू, न हिन्दुस्तान, बन कर रहेगा खालिस्तान । ” वहीं पीछेसे ध्वनि आ रही है जिसमें धार्मिक उद्धोषभी सुनाई दे रहे हैं । ब्रिटेनमें ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’की पत्रकार नाओमी कैंटनने इस सम्बन्धमें कई चित्रभी साझा किए है । उच्चायोगने वक्तव्य जारी करते हुए कहा है कि इस घटनासे वह अत्यन्त चिन्तित और व्यथित हैं । उच्चायोगने आश्वासन दिया कि राष्ट्र ध्वजका अपमान करनेवालोंके विरुद्ध कडी कार्यवाही होगी ।
वहीं ब्रिटेनकी पुलिसका इस सम्बन्धमें कहना है कि ध्वजमें आग लगाना कोई अपराध नहीं है; इसलिए उन्होंने भारत विरोधी ‘नारे’ देनेवाले किसी व्यक्तिको अभिरक्षामें नहीं लिया । सूचनानुसार सम्पूर्ण आयोजन खालिस्तानी आतङकी भिंडरावालेको स्मरण करनेके लिए आयोजित हुआ था । इनमें ५ सिख ‘पंच प्यारे’की वेशभूषामें सैकडों सिखोंका नेतृत्व कर रहे थे ।
किसी दूसरे राष्ट्रमें जाकर अपने राष्ट्रीय ध्वजका अपमान करते हुए देशद्रोही ‘नारे’ लगानेवाला प्रत्येक व्यक्ति देशद्रोही ही होता है । भारतको इस विषयपर ब्रिटेन पुलिसद्वारा की गई निराशाजनक कार्यवाहीको भी संज्ञानमें लेना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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