राम मन्दिरकी भूमिपर ‘खेल’के दो सूत्र, अखिलेश यादवके परिचित हैं, सुल्तान अंसारी और पवन पांडेय, १० वर्षमें बढा भूमिका मूल्य
१५ जून, २०२१
अयोध्यामें राम मन्दिर निर्माणमें विघ्न डालनेके प्रयासोंमें ‘एएपी’ और ‘सपा’ लग गई हैं । जहां ‘एएपी’ राज्यमें पांव जमानेमें लगी हुई है, वहीं सपा सत्तामें आनेका मार्ग ढूंढ रही है । अब ‘दैनिक भास्कर’ने स्पष्ट किया कि जिस १०० बिस्वा (लगभग ३ एकड) भूमिको लेकर ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास’पर भ्रष्टाचारका आरोप लगाया गया है, उसे २०२१ में समाजवादी पार्टीके नेता सुल्तान अंसारीने २ करोडके मूल्यमें क्रय किया था । सुल्तान अंसारीने ही इस भूमिको १८.५ करोडके मूल्यमें राम मन्दिर न्यासको विक्रय किया है । पूर्वमन्त्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ और समाजवादी पार्टीके अध्यक्ष अखिलेश यादवसे सुल्तानके बहुत अच्छे सम्बन्ध हैं । अब तेज नारायण पांडेय कह रहे हैं कि आरोप तथ्योंके आधारपर हैं, न कि सुल्तान अंसारीके कहनेपर । उल्लेखनीय है कि अयोध्यामें जिस भूमिको लेकर राम मन्दिर न्यासपर आरोप लगाए गए, प्रपत्रोंपर उसका स्वामित्व कुसुम पाठकका था, जिन्होंने २०१०-११ में ही भूमि विक्रयकी निरवत्ति (समझौता) रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारीसे कर लिया था, तदुपरान्त सितम्बर २०१९ को हस्ताक्षर हुए और मूल्य २ करोड रुपए निर्धारित हुआ, इसीलिए २ वर्षों पश्चात उसी राशिका भुगतान किया गया ।
राममन्दिर विरोधी कितने भी प्रयास कर लें, वे सत्यको सामने आनेसे रोक नहीं पाते हैं । इनके दुष्प्रचारकी पोल खुलते ही जनसामान्यमें इनकी छवि और भी विकृत हो जाती है और यह इनका दण्ड भी है तथा हिन्दुओंके हितमें भी है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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