मलबद्धता (कब्ज)के लिए : ‘किशमिश’ खानेसे उदर ठीक व स्वच्छ रहता है । अन्न खानेके पश्चात उपपाचयके लिए लाभकारी है, नियमित खाते रहनेसे पाचन शक्ति सक्रिय रहती है । खीरमें भी ‘किशमिश’ डालकर स्वादके साथ-साथ उदर भी स्वच्छ रहता है । ‘किशमिश’से श्वेत रक्त कणोंको सन्तुलित करनेमें सहायता मिलती है । (कब्ज) मलबद्धता दूर करनेके लिए ‘किशमिश’के कुछ दाने जलमें थोडे समयतक भिगोकर रखें, इसके पश्चात इसे जलसे निकालकर खा लेनेसे बहुत लाभ होता है । नियमित रूपसे इसका सेवन करनेसे ‘कब्ज दूर हो जाती है । रात सोनेसे पहले पांच छह दाने ‘किशमिश’के, अच्छी प्रकारसे चबाकर खानेके पश्चात, गुनगुना जल पीनेसे ‘कब्ज’ दूर होती है ।
प्यासके लिए : जल अथवा दूधमें ‘किशमिश’ भिगोकर रखनेसे और आधे दिनके पश्चात वह पीनेसे प्यास नियन्त्रित रहती है ।
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