जयपुर राजपरिवारकी सम्पत्तिपर अधिकार प्रस्तुत करने आया नगाडे बजानेवाला जिहादी अब्दुल
३ जुलाई, २०२१
राजस्थानकी राजधानी जयपुरमें पूर्व राजपरिवारकी सम्पत्तिपर अनधिकार प्रभुत्वका एक प्रकरण सामने आया है । महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय ‘म्यूजियम ट्रस्ट सिटी पैलेस’के प्रशासक प्रमोद यादवने नगाडे बजानेवाले एक पूर्व कर्मचारीके विरुद्ध माणक चौक थानेमें परिवाद प्रविष्ट करवाया है ।
समाचार वाहिनियोंके अनुसार, परिवादमें कहा गया है कि जलेबी चौक स्थित सिरहड्योढी द्वारपर गणेशजीकी प्रतिमाओंकी स्थापना आरम्भसे ही है । वहां पूजा होती है और ‘रियासत काल’से नगाडा बजता रहा है । ‘म्यूजियम ट्रस्ट’ने भी पुरानी रीतिके अनुसार नगाडा बजानेके लिए अब्दुल सलामको चाकरीपर (नौकरी) रखा था, जो वर्ष २०१८ में पदमुक्त हुआ है । इसके पश्चात नगाडा बजानेके लिए नूतन लोग रख लिए गए; परन्तु सलामका परिवार अबतक इस सम्पतिपर अधिकार किए हुए है ।
कुछ समय पहले ऐसा ही एक प्रकरण मध्य प्रदेश स्थित विदिशा जिला मुख्यालयसे ७० किलोमीटर दूर प्राचीन उदयपुर नगरमें लगभग एक सहस्र वर्ष पुराने परमार वंशके राजभवनपर ‘मदरसा’ चलते हुए पाया गया था ।
जिहादियोंपर यह कहावत कि ‘सर्पोंको कितना भी दूध पिलाओ; परन्तु वह काटनेकी प्रवृति नहीं छोडता’, चरितार्थ होती है । आजका तथाकथित धर्मनिरपेक्ष निद्रस्त हिन्दू जिहादियोंके लिए परोपकार करता है; परन्तु प्रतिसादमें उसे मिलता है लव-जिहाद, भूमि-जिहाद आदि । आज हिन्दूराष्ट्र कितना आवश्यक है ? वह इन घटनाओंसे ज्ञात होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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