‘ट्विटर’पर अब हिन्दू देवीके अपमानका आरोप, महुआ मोइत्राके ‘सुसु पॉटी’ ट्वीटका किया उच्च न्यायालयमें बचाव


०४ जुलाई, २०२१
   एक अधिवक्ताने देहली ‘पुलिस’की ‘साइबर सेल’में हिन्दू देवीके अपमानपर परिवाद प्रविष्ट किया है । ‘ट्विटर’ने देहली उच्च न्यायालयमें तृणमूल कांग्रेसकी नेत्री महुआ मोइत्रा तथा पत्रकार स्वाति चतुर्वेदीके ‘ट्वीट्स’का बचाव करते हुए कहा कि इनके ‘ट्वीट्स’ उसकी नीतियोंका उल्लंघन नहीं करते ।
  माता कालीके चित्र युक्त ‘टीशर्ट’ ‘ट्विटर’पर साझा करनेपर अधिवक्ताने आपत्ति ली थी । तृणमूलकी नेत्री महुआ मोइत्राने भारतको अपमानित करते हुए देशको ‘सुसु पॉटी रिपब्लिक’ कहा । वह गोमूत्र तथा गोबरपर कटाक्ष कर रही थी । इससे पूर्व भी ‘ट्विटर’पर गाजियाबादमें वृद्धकी पिटाई तथा उससे ‘जय श्रीराम’ कहलवाने सम्बन्धी असत्य समाचार फैलाया गया । ‘चाइल्ड पोर्नोग्राफी’ सम्बन्धित साहित्य साझा करनेका आरोप भी ‘ट्विटर’पर लगा है । इस प्रकार ‘ट्विटर’पर ५ आपराधिक परिवाद प्रविष्ट किए गए हैं ।
        ‘ट्विटर’पर प्रतिबन्ध लगाकर इसे दण्डित करना अब अत्यन्त आवश्यक हो गया है । अब सभी नागरिक भी विरोधमें सामने आएं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution