महाराष्ट्र शासनने केवल प्रचार-प्रसारपर व्यय कर डाले १५५ करोड रुपये


५ जुलाई, २०२१
     नेता प्रतिपक्ष देवेन्द्र फडनवीसने कहा कि इस शासनने २४६ करोड रुपए इस वर्षका प्रचार-प्रसार ‘बजट’ रखा है । उन्होंने कहा कि भाजपा शासनके समय प्रचार-प्रसारपर पहले वर्ष मात्र २६ करोड रुपए व्यय हुए थे ।
     महाराष्ट्र शासनने अबतक १५५ करोड रुपए मात्र प्रचार-प्रसारपर ही व्यय कर दिए हैं । एक ‘आरटीआई’से यह ज्ञात हुआ है । महाराष्ट्रके ‘डायरेक्टर जनरल इन्फॉर्मेशन’ और जन संपर्क विभागने कार्यकर्ता अनिल गलगलीको सूचना दी है कि ‘महा विकास अघाडी’ शासनमें पिछले १६ माहमें प्रचार-प्रसारपर १५५ करोड रुपए व्यय हुए हैं, जिसमेंसे ५.९९ करोड रुपए ‘सोशल-मीडिया’पर व्यय किए गए ।
इस प्रकार प्रत्येक माह शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेसके शासनने ९.६८ करोड रुपए केवल प्रसार-प्रचारपर ही व्यय कर डाले । ‘आरटीआई’ कार्यकर्ताने इस शासनके गठनके ‘बाद’से अबतक प्रचार-प्रसारपर हुए व्ययका ब्यौरा मांगा था ।
      २६ करोड हो या २४६ करोड, अपने प्रचारपर जनताका धन व्यय करनेका अधिकार न किसी नेताको है और न किसी दलको ! यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो पैसा विकासकार्योंपर व्यय होना है, वह पैसा आजके भ्रष्ट, नीतिविहीन एवं सिद्धान्तविहीन राजनीतिक दल बिना ‘काम’ किए हुए ही अपने स्वार्थ हेतु दुरुपयोग कर रहे हैं । हो सकता है, ऐसे राजनेता जनताके दण्डसे बच जाएं; परन्तु ईश्वर इन्हें अवश्य दण्ड देंगे एवं हिन्दूराष्ट्रमें ऐसे स्वार्थी भ्रष्ट राजनेताओंका कोई स्थान नहीं होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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