विवाहित कामिलने कपिल बनकर हिन्दू युवतीको फंसाया, छलसे धर्मान्तरण कराकर किया ‘निकाह’


५ जुलाई, २०२१
            उत्तर प्रदेशके बागपतमें एक महिलाने खट्टा प्रहलादपुर गांवके विवाहित युवकपर ‘धोखा’ देकर धर्मान्तरण कराने और ‘निकाह’ करनेका आरोप लगाते हुए परिवाद (रिपोर्ट) प्रविष्ट कराया है । आरोप है कि उसपर ‘नमाज’ पढने व गोमांस खानेका दबाव बनाया जाता था और विरोध करनेपर मारपीट की जाती थी । महिलाका कहना है कि वास्तविकता सामनेके पश्चात उसे ९ वर्षोंतक बन्धक बनाकर रखा गया; किन्तु अवसर मिलते ही वह आरोपीके नियन्त्रणसे निकल भागी । महिला थानेमें प्रकरण प्रविष्ट नहीं हुआ, तो उसने जिलाधिकारीके यहां परिवाद किया । जिलाधिकारीके आदेशपर ‘पुलिस’ने प्रकरण प्रविष्टकर आरोपीको बन्दी बनाकर कारावास भेज दिया है ।
        २९ वर्षीया महिलाने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उसके ‘व्हाट्सएप्प’पर एक अपरिचित व्यक्तिसे ‘मिस कॉल’ आई थी । ‘कॉल’ करनेपर सामनेवालेने अपना नाम कपिल बताया । इसके पश्चात दोनोंमें संवाद होता रहा और मित्रता हो गई । इसके पश्चात दोनोंने विवाह कर लिया । कई दिवसतक उसे मेरठमें रखा गया । उसका एक बेटा भी है । विवाहके पश्चात महिलाको ज्ञात हुआ कि कपिलका वास्तविक नाम कामिल और उसके पिताका नाम रहीमुद्दीन है ।
          जब नाम झूठा बतानेका कारण पूछा तो कामिलने बताया कि उसका नाम भी परिवर्तितकर राबिया रख दिया है । इसी नामसे ‘आधार कार्ड’ भी बनवा लिया है । विरोध करनेपर उसके साथ मारपीट की गई । अप्राकृतिक यौन सम्बन्ध बनाए गए । विरोध करनेपर मारपीटकर उसे भूखा-प्यासा रखा जाने लगा । ‘ईद’के दिवस उसे गौमांस भक्षण करनेको विवश किया जाता था और विरोध करनेपर उसे पीटा जाता था ।
        यह तो सर्वविदित है कि जिहादियोंको यह अभिनय मौलवियोंद्वारा ही तो सिखाया जाता रहा है; किन्तु चलचित्र जगत भी जिहादके विस्तारमें व्यापकरूपसे उत्प्रेरक सिद्ध हुआ है, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी । केवल विधि-विधान बनाकर जिहादियोंकी कुवृत्तियों और उद्देश्योंको नियन्त्रण करना असम्भव है । अब सर्वसमाजको योग्य धर्माचरणकर हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना हेतु संकल्पबद्ध होना चाहिए, इससे जिहादियोंका दुःसाहस स्वतः ही नष्ट होगा तथा जिहादका कुचक्र भी स्वतः ही अन्त होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया 


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