भारतके विरुद्ध बच्चोंका प्रयोगकर आतङ्की षड्यन्त्रमें सहायता कर रहा ‘ट्विटर’, ‘केआरएफ’ने प्रविष्ट किया ‘एनसीपीआर’के समक्ष परिवाद
६ जुलाई, २०२१
देहली स्थित एक कार्यकर्ता समूह ‘कलिंग राइट्स फोरम’ने ‘ट्विटर’के विरुद्ध राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोगके पास परिवाद प्रविष्ट करते हुए आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाखमें आतङ्की गतिविधियोंको सुविधाजनक बनानेके लिए ‘ट्विटर’पर छोटे बच्चोंको आतङ्की गतिविधियोंमें लिप्त दिखाया जा रहा है । उन्हें आतङ्की बनाने हेतु ‘ट्विटर’ आतङ्की सङ्गठनोंको मंच प्रदान कर रहा है । ‘एजीएच हिस्ट्री’ नामक ‘हैंडल’से, जो कि आतङ्की सङ्गठन, अंसार गजवात उल हिन्दका समर्थक है, उनकेद्वारा छोटे बच्चोंको बन्दूक चलाते दिखाया जा रहा है । उक्त सङ्गठन जम्मू-कश्मीरमें सक्रिय है । यहां लोगोंको आतङ्की गतिविधियोंमें सक्रिय होने हेतु आमन्त्रण दिया जा रहा है ।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोगने फरवरी २०२१ में ‘ट्विटर’पर आतङ्की गतिविधियोंके प्रति सहानुभूति दर्शानेपर आपत्ति ली थी । गृहमन्त्रालयने लगभग २५० ऐसे असत्य तथा उकसानेवाले ‘हैंडलस’को रोकनेका निर्देश जारी किया था । समूह ‘कलिंग राइट्स फोरम’ने शासनसे अनुरोध किया है कि ‘ट्विटर’के विरुद्ध ‘जुवेनाइन जस्टिस’ २०१५, अवैधानिक गतिविधियां अधिनियम १९६७ की धारा १७,१८,१९ के अन्तर्गत कार्यवाही की जाए । ‘ट्विटर’ द्वारा २४ घण्टोंके भीतर भारत विरोधी तथा आतङ्वाद विरोधी सामग्री हटाई जाए तथा आतङ्की गतिविधियोंको बढावा देनेके लिए ‘ट्विटर’के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए । राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोगने इसका संज्ञान लिया है ।
किसान आन्दोलन हो या आतङ्की गतिविधियां, ‘ट्विटर’ ‘लगातार’ देशविरोधी सन्देश फैलाने, देशकी शान्ति भंग करने जैसी गतिविधियोंमें लिप्त दिखाई दे रहा है । चीन, मिस्र, ईरान, उत्तर कोरिया, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान तथा इंग्लैंड इन देशोंने ‘ट्विटर’को प्रतिबन्धित किया हुआ है । भारतमें भी देशहितमें इसे त्वरित प्रतिबन्धित करना उचित होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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