कोरोनाको ‘चीनी वायरस’ लिखनेपर हर्षा भोगलेपर क्रोधित हुए कथित ‘लिबरल’
०७ जुलाई, २०२१
‘क्रिकेट कॉमेंट्री’ जगतके परिचित व्यक्ति हर्षा भोगलेने इंग्लैंडकी ‘क्रिकेट टीम’के सङ्क्रमित होंनेपर चीनी ‘वायरस’ शब्दका उपयोग किया । इससे ‘लिबरल’ तथा साम्यवादी क्रोधित हो गए ।
किसीने उन्हें सभ्यतासे ऐसा न कहनेकी सीख दी, तो किसीने उनकी तुलना डोनाल्ड ट्रम्पसे कर दी । कुछ ऐसे भी थे, जो ऐसा लिखनेपर आनन्दित थे ।
हर्षा भोगलेने भी त्वरित उत्तर देते हुए लिखा कि अभीतक मैंने दक्षिण अफ्रीकी ‘वैरिएंट’, ब्राजील ‘वैरिएंट’ तथा भारतीय ‘वैरिएंट’ शब्द सुने हैं; इसीलिए मैंने मूल नामका उल्लेख किया ।
उल्लेखनीय है कि अनेक वैज्ञानिकोंद्वारा यह माना गया है कि इस घातक सङ्क्रमणकी उत्पत्ति चीनके वुहानकी प्रयोगशालामें वैज्ञानिकोंद्वारा की गई है ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इसे चीनी ‘वायरस’ न कहनेका परामर्श देता है; परन्तु जब लोग इसे अफ्रीकी, ब्राजीलियन तथा भारतीय ‘वैरिएंट’ कहते हैं, तो उदारवादी भी इसपर आपत्ति नहीं करते । यह दुःखद है कि भारतमें ही कुछ देशद्रोही हैं, जो चीनके पक्षधर हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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