मुसलमानों तथा अम्बेडकर सङ्गठनोंने ‘प्रोफेट मोहम्मद एक्ट’की की मांग, देशव्यापी प्रदर्शन की दी धमकी
०८ जुलाई, २०२१
महाराष्ट्रके ‘रजा अकादमी’ तथा अम्बेडकरवादी बहुजन सङ्गठनोंने शासनपर ‘पैगम्बर मोहम्मद बिल’ पारित करानेका दबाव बनाया जा रहा है । इस ‘बिल’का प्रारूप भी बनाकर, प्रस्तुत करनेके लिए प्रेरित किया जा रहा है । इसमें पैगम्बर तथा अन्य धार्मिक प्रमुखोंकी निन्दाको ईशनिन्दा मानकर, तीन वर्षका कारावास तथा आर्थिक दण्डपर बल दिया गया है । विधानसभामें पारित नहीं होनेपर, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनकी चेतावनी भी दी गई है । इससे पूर्व भी एक विधान २९५ (अ) संविधानमें है, जिसके अन्तर्गत जानबूझकर किसीकी धार्मिक भावनाको चोट पहुंचानेपर, कारावास और आर्थिक दण्डका प्रावधान है । यह विधान सौ वर्ष पूर्व बनाया गया था, जब ‘पैगम्बर’पर किसी हिन्दूने टिप्पणी की थी और उसकी हत्या करनेके पश्चात भी जिहादियोंद्वारा उपद्रवोंको नहीं रोका गया था, तो महात्मा गांधीके हस्तक्षेपपर, इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया गया था, जबकि इससे कुछ समय पूर्व श्रीकृष्णके लिए अपमान भरे व्यक्तव्योंकी पुस्तक लिखकर, गीता जलानेकी बात कही गई थी, तो विधान बनानेकी बात नहीं कही गई थी ।
किसी ‘पैगम्बर’पर कोई विधेयक बनवाना है तो वे लोग इस्लामिक राष्ट्रमें जानेको स्वतन्त्र हैं, भारतमें किसने रोका है ? यह एक हिन्दू बहुल देश है, यहां ऐसे किसी निरर्थक विधानको सहन नहीं किया जा सकता है, सभी हिन्दू इसका विरोध करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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