हिन्दू युवतीद्वारा जिहादी आरिफसे विवाह और ३ माह पश्चात ही अधजली अवस्थामें ‘हाईवे’पर मिली
९ जुलाई, २०२१
उत्तर प्रदेशके जालौन जनपदमें मंगलवार, ०६ जुलाईको कानपुर-झांसी ‘हाईवे’पर ग्राम अजनाराके पास राधे ढाबाके सामने निराश्रित अवस्थामें २३ वर्षीय युवती अधजली अवस्थामें सिसक रही थी । ढाबेके मालिक भानु राजपूतने युवतीकी स्थिति देखकर तुरन्त इसकी सूचना पुलिसको दी, जिसके पश्चात युवतीको चिकित्सालय लाया गया । पुलिसको दिए वक्तव्यमें पीडिताने स्वयंको झांसीके पूंछ थानाक्षेत्रके ग्राम सेसाका बताया है । परिवादमें उसने अपने पति आरिफका नाम लेते हुए कहा कि उसने आरोपी आरिफसे प्रेम विवाह किया था । विवाहके १ माह पश्चात ही आरोपी उसको यातनाएं देता था और विवाहके ३ माह पश्चात तो उसने उसे जला ही दिया । पुलिसद्वारा उसके परिजनको इस विषयमें सूचित कर दिया गया ।
पीडिता अनुसार, उसने घरवालोंके विरुद्ध जाकर उरईके बजरिया निवासी जिहादी आरिफ खानके साथ ‘कोर्ट मैरिज’ की थी । उस मध्य उसके पिताने अपहरण और ‘एससी-एसटी एक्ट’के अन्तर्गत अभियोग कराया था; परन्तु युवतीने कहा था कि उसने अपनी इच्छासे विवाह किया है, जिसके पश्चात अभियोग समाप्त हो गया । अभीतक आरोपी पकडा नहीं गया है ।
यदि इस युवतीको बचपनसे ही हिन्दू धर्मके संस्कार मिले होते तो सम्भवत यह दुर्दशा न होती । वर्तमान कालमें मुसलमानोंपर किसी भी प्रकारका विश्वास करना स्वयंके साथ परिवारको भी नष्ट करना है; अत: सदैव जिहादियोंसे दूरी बनाए रखनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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