धर्मान्तरण कोई समस्या नहीं, अपने घरमें सम्मान न मिले तो दूसरेके घर जाएंगे ही, ‘मिशनरी’के पक्षपर बिहारके पूर्व मुख्यमन्त्री
२४ जुलाई, २०२१
बिहारके पूर्व मुख्यमन्त्री और ‘हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा’के अध्यक्ष जीतन राम मांझीने महादलितोंके धर्मान्तरणका बचाव किया है । विगत अनेक वर्षोंसे निरन्तर ईसाई धर्मान्तरणका प्रकटीकरण हुआ है । अनेक गांवोंमें अन्धविश्वास के आधारपर धर्मान्तरणका जाल फैलाया गया है ।
मांझीने इसपर टिप्पणी करते हुए कहा कि हिन्दू धर्मके भीतर भेदभाव धर्मान्तरणका मुख्य कारण है । मुख्यमन्त्रीने कहा जब अपने घरमें मान सम्मान न मिले, तो स्वभाविक है कि लोग दूसरे घरोंमें जाएंगे ही ।
पूर्व मुख्यमन्त्री ईसाई प्रचारकों और तथाकथित भीमवादियोंके समर्थनमें यह वक्तव्य दे रहे हैं । क्या इनको हिन्दू धर्ममें ही भेदभाव दिखाई देता है । क्या अन्य पन्थोंमें भेदभाव नहीं है ? ऐसे हिन्दूद्रोही मन्त्रियोंका समस्त हिन्दुओंको एकजुट होकर विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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