गांवकी एक अवयस्क बालिकाको बुलाया था विश्रामालय, जिहादी कासिफ मिलने पहुंचा अपने तीन मित्रोंके साथ 


२५ जुलाई, २०२१
      उत्तर प्रदेशमें कई घटनाओंके पश्चात अब पडोसी राज्यसे भी ‘लव-जिहाद’के प्रकरण उजागर हो रहे हैं । उत्तराखंडमें अल्मोडके बग्वालीपोखर क्षेत्रसे २३ जुलाई २०२१, शुक्रवारको ऐसी ही एक घटना सामने आई है ।
यहां ग्रामीणोंद्वारा चार मुसलमान युवकोंको पकडकर ‘पुलिस’को ‘सौंप’ दिया गया । उनपर एक किशोरीको ‘बहला-फुसलाकर’ विश्रामालयमें ले जानेका आरोप लगाया गया ।
      हरिद्वारके रहनेवाले एक विशेष समुदायके युवकने बग्वालीपोखर क्षेत्रकी एक अवयस्क बालिकासे ‘सोशल मीडिया’द्वारा निकटता बनानेके पश्चात चलभाषकर (फोन) हाटके (बाजारके) एक विश्रामालयमें बुलाया । कलियर निवासी मुसलमान समुदायके युवकद्वारा ‘बहलाए-फुसलाए’ जानेपर अवयस्क किशोरी विश्रामालयमें पहुंच भी गई ।
      आरोपी अपने तीन मित्रोंको लेकर विश्रामालय जा पहुंचा । विश्रामालयके स्वामीको पांचों युवकोंको साथ देखकर इस घटनामें कुछ शंका हुई, तो उसने ‘थाने’में सूचना दे दी । पुलिसद्वारा चारों युवकों कासिफ, अरमान, साने आलम और फरमानको बन्दी बना लिया गया । उल्लेखनीय है कि चारों आरोपितोंकी आयु २० से २५ वर्षके मध्य है ।
        ‘लव-जिहाद’की घटनाएं रुकनेका नाम नहीं ले रही है । नूतन विधान बनानेके पश्चात भी जिहादियोंपर कोई प्रभाव होता दिख नही रहा । इसके मूलमें हिन्दुओंका अपने धर्म और सभ्यताके प्रति निराशावादी दृष्टिकोण है, जिसका परिणाम हिन्दू समाज भोग रहा है । अब धर्मशिक्षण और धर्माभिमान मात्र हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके पश्चात ही सभीको समझमें आएगा; अतः हिन्दू समाज अभीसे प्रयास करना आरम्भ करें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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