चालीस सहस्र हिन्दुओंके नरसंहारके लिए मन्दिरके प्रसादमें विष मिलानेकी योजना, जाकिर नाइकसे था प्रेरित
२६ जुलाई, २०२१
विवादित इस्लामिक धर्म उपदेशक जाकिर नाइकका भाषण सुनकर कुछ आतङ्कियोंने मुंबईके एक मन्दिरके प्रसादमें विष मिलानेकी योजना बनाई थी । आतङ्कियोंका विचार मन्दिरमें आनेवाले भक्तोंका नरसंहार करना था । मुंबईके एक न्यायालयमें प्रविष्ट आरोप-पत्रके (चार्जशीटके) अनुसार मुंबई स्थित मुम्बेश्वर मन्दिरमें नरसंहारकी कथित योजना बनानेको लेकर महाराष्ट्रसे बन्दी आतङ्कवादी जाकिर नाइकसे प्रेरित थे । ये आतङ्की ‘आईएसआईएस’से प्रेरित एक आतङ्की समूह ‘उम्मत-ए- मोहम्मदिया’के सदस्य थे ।
जिस दिवस इस षड्यन्त्रको परिणाम देना था, उस दिवस मन्दिरके महाप्रसादको ४० सहस्रसे अधिक लोगोंने ग्रहण किया था । आतंकवादियोंका षड्यन्त्र था कि महाप्रसादमें विष मिलाकर अधिक संख्यामें श्रद्धालुओंके प्राण लिए जा सकें । ‘एटीएस’ने इस घटनामें आरोप-पत्र प्रविष्ट करते हुए सभी आरोपियोंका अभिज्ञान (पहचान) किया है, जिनमेंसे ९ वयस्क और १ आरोपी अवयस्क है ।
जिहादी अनेक प्रकारसे हिन्दुओंके विरुद्ध षड्यन्त्र रचकर उनकी हत्या करनेके प्रयासमें रहते है; क्योंकि ऐसा करनेके लिए उनको प्रशिक्षित भी किया जा रहा है । केन्द्र शासन सभी सामाजिक अन्तरजालपर सतर्कताके साथ दृष्टि बनाए रखे, जिससे ऐसे जिहादियोंका मुखावरण समाजके समक्ष हटाया जा सके । ऐसेमें हिन्दुओंको भी सतर्क रहना होगा और हिन्दू-मुसलमान भाई-भाई करना छोडना होगा अन्यथा जिस भारतमें आज हिन्दू बहुसंख्यक हैं, वहां शीघ्र ही अल्पसंख्यक हो जाएंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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