कर्नाटकमें हिन्दू मन्दिरोंकी सम्पत्तियोंका अब अन्य पन्थके कार्योमें नहीं होगा प्रयोग
०१ अगस्त, २०२१
कर्नाटक शासनने ‘हिन्दू रिलिजियस एंड चैरिटेबल एडवांसमेंट’के (एचआरसीई) विभागद्वारा हिन्दू मन्दिरोंसे प्राप्त धनको हिन्दू मन्दिरोंके अतिरिक्त अन्य किसी पन्थके कार्यके प्रयोगमें लानेसे प्रतिबन्ध करनेका आदेश जारी कर दिया है । राज्य शासनद्वारा यह आदेश २३ जुलाई, २०२१ को जारी किया था । समाचारके अनुसार, कर्नाटकके ‘एचआरसीई’ विभागद्वारा जारी किए गए इस आदेशमें हिन्दू मन्दिरोंके धनको किसी अहिन्दुओंके कार्य अथवा अहिन्दुओंकी संस्थाके लिए किसी भी रूपमें प्रयोग नहीं किया जाएगा । पिछले अनेक दिवसोंसे हिन्दू मन्दिरोंसे प्राप्त धनको वार्षिक आधारपर अन्य धार्मिक संस्थाओंको दिए जानेका विरोध उच्च स्तर पर हो रहा था । इस विरोधमें प्रमुख रूपसे राज्य एवं धार्मिक परिषदके सदस्य सम्मिलित थे । इन धर्मप्रेमियोंकी मांगोंको ध्यानमें रखते हुए ही ‘एचआरसीई’ विभागद्वारा यह आदेश जारी किया गया है । उल्लेखनीय है कि गत माह कर्नाटक शासनने ‘सी’ श्रेणी मन्दिरोंमें सेवा करनेवाले पुजारियोंके साथ-साथ इमामों व मुअज्जिनोंको भी ३००० रूपएका ‘पैकेज’ देनेकी घोषणा की थी । इस निर्णयका विश्व हिन्दू परिषदनें विरोध भी किया था ।
हिन्दू सङ्गठनोंकी मांगको ध्यानमें रखते हुए शासनद्वारा किया गया यह प्रयास प्रशंसनीय है और यह विधान सम्पूर्ण देशमें लागू किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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