केरलके ५३ वर्षीय दोषी पादरी रॉबिनसे विवाहके लिए बलात्कार पीडिता पहुंची सर्वोच्च न्यायालय


०१ अगस्त, २०२१
       केरलकी एक बलात्कार पीडिताने उसका यौन शोषण करनेवाले ५३ वर्षीय कैथोलिक पादरी रॉबिन वडक्कुमचेरीसे विवाह करनेकी अनुमतिके लिए सर्वोच्च न्यायालयका द्वार खटखटाया है । दोषी वडक्कुमचेरीके लिए ‘जमानत’ भी मांगी है, जिससे उनका विवाह हो सके । इस विषयकी सुनवाई सोमवार, ०२ अगस्तको करेगा ।
उल्लेखनीय है कि दोषी पादरी रॉबिनको फरवरी,२०१९ में एक न्यायालयद्वारा अव्यस्कसे बलात्कार और गर्भवती करनेका दोषी पाए जानेके पश्चात यौन अपराधोंसे बच्चोंका संरक्षण (पॉस्को) अधिनियमके अन्तर्गत दोषी पादरीको २० वर्षके कठोर कारावासका दण्ड दिया गया था । उसे वेटिकनकी ओरसे पादरीके पदसे भी हटा दिया गया है । पादरीको २७ फरवरी, २०१७ को कोच्चि अन्तरराष्ट्रीय विमान स्थानकके पाससे बन्दी बनाया था, जब वह देशसे बाहर जानेकी सिद्धता कर रहा था ।
 सुनवाईके मध्य पीडिता और उसकी मां मुकर गई; परन्तु इसके पश्चात भी न्यायालयने पहलेसे एकत्र किए गए प्रमाणोंके आधारपर आगे बढी और निर्णय सुनाया; परन्तु चार नन, एक अन्य पादरी और ‘कॉन्वेंट’ से जुडी एक और महिला, जो पुलिस ‘चार्जशीट’में सह-आरोपियोंको पर्याप्त प्रमाणोंके अभावमें छोड दिया गया ।
         पादरियोंद्वारा व्याभिचारकी ऐसी घटनाएं सामने आती रहती है, इससे इनके कथित पन्थ व उसकी शिक्षाका बोध होता है और यदि ऐसा व्यक्ति मुक्त होनेके लिए विवाह करनेका कहता है, तो उसपर विश्वास नहीं किया जा सकता है । साथ ही, ऐसी मानसिकताके कथित धार्मिक लोग भारत भूमिपर कोढ समान हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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