केरलशासनने ओणम पर्वपर दिखाई कठोरता
०२ अगस्त, २०२१
केरलमें अभीसे ही वामपन्थी शासनकी मन्त्री वीना जॉर्जने लोगोंसे गृहबन्दीके नियमोंका पालन करने एवं भीड-भाड न जुटाने और दक्षिण भारतमें १२ अगस्तसे मनाया जानेवाला प्रसिद्ध पर्व ओणम न मनानेकी याचना करना प्रारम्भ कर दिया है । केरल राज्यमें पशुओंकी हत्याकर मनाए जानेवाली ईदपर ‘कोरोना वायरस’की रोकथाममें विफल रहा केरल शासन अब हिन्दुओंके ओणम पर्वपर लक्ष्य साधकर इस विषयको ढकनेमें लगा है । जार्जने कहा कि केरल अभी ‘कोरोना’की दूसरी लहरसे उबर नहीं पाया है और ऐसेमें राज्य तीसरी लहर झेलनेके योग्य नहीं है ।
केरलके पिनरई विजयनके वामपन्थी शासनने मुसलमानोंके तुष्टीकरणकी राजनीति करते हुए कुछ दिनों पूर्व ईदपर गृहबन्दीमें छूट देते हुए राज्यको लगभग सप्ताहके लिए खोल दिया था । इसके पश्चात राज्यमें ‘कोरोना’ विषयोंमें वृद्धि देखी गई ।
सर्वोच्च न्यायालयमें याचिकामें पिनरई विजयन शासनपर ‘वोट बैंक’की राजनीतिके लिए नागरिकोंके जीवनसे खेलनेका आरोप लगा था ।
वामपन्थी शासनकी हिन्दुओंके प्रति घृणासे भरी व मुसलमान तुष्टीकरण नीति किसीसे छुपी नहीं है; उदाहरणस्वरूप सबरीमला विषय या ईद । सभी हिन्दुओंको इस हेतु विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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