५०० वर्ष उपरान्त चांदीके पालनेमें झूलेंगे रामलला, गर्भगृहको सोनेसे बनानेके लिए प्रधानमन्त्री मोदीको लिखा गया पत्र


०३ अगस्त, २०२१
रामनगरीमें श्रीराम जन्मभूमिपर बन रहे रामललाके मन्दिरको भव्यतम रूप देनेकी मांग उठ रही है । आधारशिला निर्माणका ६०% कार्य सम्पन्न हो चुका है । ११ अगस्तसे आरम्भ हो रहे सावन मेलेको भी भव्य बनानेकी ‘तैयारी’की जा रही है, जिसमें श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यासने रामललाको चांदीके पालनेपर झुलानेका निर्णय लिया है । ऐसा ५०० वर्षों पश्चात हो रहा है । यह मेला सावन माहके शुक्ल पक्षकी तृतीया तिथिसे आरम्भ होकर १२ दिवसतक चलता है ।
देशके करोडों रामभक्तोंद्वारा सहयोग राशि समर्पित की जा रही है, ऐसेमें देशके प्रत्येक राम भक्तकी मनोकामना है कि विश्वका सुन्दरतम व भव्यतम मन्दिर बने । जिसको लेकर    अब श्रीरामललाके गर्भगृहको सोनेसे सजाए जानेकी मांगकी जा रही है ।
इस विषयमें  प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीको पत्र  लिखा है जिसमें कहा गया है कि राम मन्दिर निर्माणके लिए लाखों लोगोंने अपने प्राण गंवाए हैं । जिसके पश्चात अब यह मधुर बेला आई है; इसलिए देशके रामभक्तोंकी आशानुरूप बनाया जाए ।
     श्रीरामकी प्रेरणाने करोडों हिन्दुओंको अवश्य ही सङ्गठित करनेका कार्य किया है । इतने वर्षों पश्चात राम ललाको चांदीके पालनेमें झुलाना व स्वर्ण गर्भगृह बनाना अवश्य ही उत्तम है; किन्तु वर्तमान समयमें जिस प्रकार धर्म व खरे सन्तोंकी विडम्बना हो रही है, तो ऐसेमें धर्मका मूल तत्त्व समझकर उसका पालन करना व करवाना आवश्यक है । धर्मरक्षा होनेपर व हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनापर ही रामललाके प्रति की गई यह स्वर्ण व रजतकी (चांदीकी) यह सेवा पूर्ण सार्थक होगी ‌। – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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