देहलीमें ऐतिहासिक तिथिपर, ‘बाबर रोड’के स्थानपर ५ अगस्त मार्गका लगाया गया नामपट्ट
०५ अगस्त, २०२१
देहलीके ‘बाबर रोड’का नाम हटाकर ५ अगस्त मार्ग लिख दिया गया । स्वामी उमेशानंदजी महाराजने अपने समर्थकों सहित वहां पहुंचकर, राम जन्मभूमिके भूमिपूजनकी वर्षगांठपर, ‘बाबर रोडके स्थानपर ५ अगस्त मार्ग लिख दिया । स्वामीजीका कहना है कि विदेशी आक्रान्ताके नामपर इस मार्गका नाम अनुचित है; क्योंकि बाबरके आदेशपर, राम मन्दिरको ध्वस्तकर, उसके ऊपर, मीर बाकीने मस्जिदका निर्माण कर दिया था और उसने इस मस्जिदको बाबरी मस्जिदका नाम दे दिया था । इस मस्जिदको १९९२ में ध्वस्तकर हिन्दुओंने पुनः राम मन्दिर बनानेका साहस किया । ५ अगस्तके दिवस राम मन्दिरका शिलान्यास किया गया था, जो एक महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक दिवस माना गया है । उसी दिवस यह भी मांग की गई थी कि ‘बाबर रोड’का नाम भी परिवर्तितकर, उचित नाम दिया जाए । पिछले वर्ष भी भाजपा नेता विजय गोयलने ‘बाबर रोड’के पट्टपर ५ अगस्त मार्ग लिख दिया था और प्रधानमन्त्रीको भी पत्र लिखकर निवेदन किया गया था ।
भारतकी स्वतन्त्रताके पश्चात भी, आक्रान्ताओंके समर्थक कांग्रेस शासनने बहुतसे मार्गों, गांवों, नगरों तथा देशके महत्त्वपूर्ण भवनोंके नाम भी उन्हीं आक्रान्ताओंके नामपर रखकर, देशकी मान-मर्यादाको गर्तमें पहुंचा दिया । स्वामीजीने जो उचित कार्य किया है, उसके लिए प्रशंसाके पात्र हैं । इसके लिए सभी हिन्दुओंको उनके पक्षमें आना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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